Frequently Asked Questions

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लोन

ग्राहकों को विभिन्न प्रकार के लोन प्रदान करने के लिए, मनीफाई द्वारा बैंक और एनबीएफसी को अपने प्लेटफार्म पर लाया गया है। मनीफाई द्वारा क्रेडिट का मूल्यांकन नहीं किया जाता, यह केवल अपने भागीदारों के लिए रेफरर के रूप में काम करता है।

मनीफाई द्वारा पर्सनल लोन, बिजनेस लोन, हाउसिंग लोन, संपत्ति के बदले में लोन जैसे कई तरह के लोन दिए जाते है।

सामान्य रूप से, 700 का क्रेडिट स्कोर, लोन प्राप्त करने के लिए आदर्श होता है, हालांकि मनीफाई के कुछ भागीदार अन्य क्रेडिट मानदंडों के सकारात्मक संकेतों के आधार पर, कम क्रेडिट स्कोर पर लोन दे सकते हैं। लोन की स्वीकृति, ग्राहक द्वारा जिस एनबीएफसी/बैंक में आवेदन किया गया है, उसके विवेकाधिकार पर आधारित हैं।

सिबिल स्कोर या क्रेडिट स्कोर, प्रत्येक उधारकर्ता को क्रेडिट इंफॉर्मेशन ब्यूरो ऑफ़ इंडिया लिमिटेड और अन्य क्रेडिट ब्यूरो द्वारा जारी किया जाता है।इस स्कोर से उधारकर्ता की उधार पात्रता का पता चलता है। यह स्कोर, पिछली लोन की चुकौती और क्रेडिट हिस्ट्री, क्रेडिट के प्रकार और लोन से जुड़ी पूछताछ की संख्या, क्रेडिट उपयोग अनुपात, लोन की अतिदेय राशि, आदि जैसे विभिन्न कारकों द्वारा निर्धारित किया जाता है। यह 300-900 के बीच की तीन अंकों की संख्या होती है, जिसकी गणना आवेदक के वित्तीय इतिहास के आधार पर की जाती है।

लोन के लिए आवेदन करते समय एक सिबिल स्कोर मुख्य कारक है। यदि सिबिल स्कोर छ है, तो लोन के स्वीकार होने की संभावना अधिक होती है। हालांकि लोन की स्वीकृति के समय, ऋणदाता कई अन्य कारकों पर भी विचार करते हैं, लेकिन एक अच्छा क्रेडिट स्कोर से लोन की स्वीकृति की संभावना बहुत बढ़ जाती है।

कम क्रेडिट स्कोर पर भी व्यक्ति को लोन मिल सकती है, हालांकि ब्याज की दर ज़्यादा हो सकती है। कम ब्याज दर पर लोन प्राप्त करने के लिए आप गोल्ड लोन या प्रयुक्त कार लोन जैसी सुरक्षित लोन के लिए आवेदन कर सकते है और थोड़े समय में अपने क्रेडिट स्कोर को सुधारने के लिए उसे समय पर चुका दें।

लोन की अवधि वह अवधि है जिसमे लोन की संपूर्ण राशि का भुगतान करने के लिए, निर्धारित ईएमआई का भुगतान करना होता है। लोन का कुल ब्याज, सीधे लोन की अवधि पर आधारित होता है, अवधि कम होने पर ब्याज भी कम होता है।

यदि किसी का क्रेडिट स्कोर 700 से ज़्यादा है, उसकी आय स्थिर है, उसे नौकरी/व्यवसाय करते हुए 1 वर्ष से ज़्यादा समय हो गया है और निश्चित दायित्व के रूप में वर्तमान मासिक खर्च, आय के 35% से कम है, तो उसे निश्चित रूप से लोन मिल सकती है।

संपत्ति के बदले में ली गई लोन, एक प्रकार की सुरक्षित लोन है। इस लोन को प्राप्त करने के लिए निर्बंध अधिकार वाला घर या व्यावसायिक संपत्ति को ऋणदाता के पक्ष में गिरवी रखा जाता है। आमतौर पर ये लोन बड़ी राशि के लिए ली जाती हैं और वेतनभोगी लोग यह लोन, नई सम्पत्तियाँ खरीदने / मौजूदा संपत्ति के रेनोवेशन के लिए / बच्चों की शिक्षा आदि के लिए और व्यवसाय के विस्तार के उद्देश्य से लेते हैं।

पर्सनल लोन का उपयोग, व्यक्ति के द्वारा महंगा कर्ज चुकाने, विदेश यात्रा करने, बड़े घरेलू उपकरण खरीदने जैसी अत्यावश्यक वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाता है।

बिज़नेस लोन का उपयोग, मशीनरी खरीदने/वर्किंग कैपिटल बढ़ाने आदि जैसे उद्देश्यों के लिए किया जाता है। इस लोन का उपयोग म्युचुअल फंड खरीदने, शेयर बाजार में सट्टा खेलने या शेयर बाजार में शेयर खरीदने जैसी फिर से निवेश करने वाली गतिविधियों के लिए नहीं किया जा सकता।

ग्राहक और बैंक/एनबीएफसी के बीच हुए समझौते के अनुसार, ग्राहक को ऋणदाता को अपनी वित्तीय स्थिति में हुए महत्वपूर्ण परिवर्तन, नौकरी में परिवर्तन या वित्तीय स्थिति पर किसी अन्य मुख्य प्रभाव के बारे में सूचित करना आवश्यक है।

ईएमआई, उधारकर्ता और ऋणदाता के बीच सहमत लोन राशि, अवधि और ब्याज दर पर आधारित होता है। इसकी गणना, कैलकुलेटर की मदद से बहुत आसानी से की जा सकती है। गणना करने के लिए यहां क्लिक करें (ईएमआई कैलकुलेटर लिंक)

लोन की स्वीकृति, ग्राहक द्वारा जिस ऋणदाता के समक्ष लोन का आवेदन किया गया है, उसके विवेकाधिकार पर निर्भर करती है। लोन की स्वीकृति के लिए, प्रत्येक ऋणदाता के क्रेडिट के अपने-अपने मानदंड होते है। लोन अस्वीकृत होने के मुख्य कारण है कम क्रेडिट स्कोर / क्षेत्र में सेवा नहीं दी जाती / पहले से ही कोई अन्य लोन चालू होना और कम वेतन होना

आमतौर पर पर्सनल लोन में पार्ट रीपेमेंट की अनुमति नहीं दी जाती है, जबकि यह विकल्प, सुरक्षित बिज़नेस लोन, संपत्ति के बदले में ली गई लोन या हाउज़िंग लोन जैसी अन्य प्रकार की लोन के लिए उपलब्ध हो सकता है। सभी प्रकार की लोन में प्रीक्लोजर विकल्प दिया जाता है, हालांकि ऋणदाता, लोन की अवधि पूरी होने से पहले लोन को बंद करने के लिए शुल्क ले सकता है

मनीफाई पर सभी भागीदारों के लिए, लोन की न्यूनतम राशि ~ 1000 है और पर्सनल लोन के लिए अधिकतम राशि ~ 25 लाख है।

ब्याज दर और प्रोसेसिंग फीस जैसे लोन से जुड़े शुल्क, उत्पाद के आधार पर निर्धारित किए जाते हैं, हालांकि, ये प्रत्येक ग्राहक की क्रेडिट प्रोफाइल के आधार पर अलग-अलग होते हैं। प्रत्येक ग्राहक के लिए लिए गए अनुमानित क्रेडिट जोखिम के आधार पर, ऋणदाता अलग-अलग शुल्क लेते हैं।

मनीफाई पर, सभी पर्सनल लोन डिजिटल तरीके से प्रोसेस किए जाते हैं और तुरंत ही ऑनलाइन प्रोसेस किए जा सकते हैं। लोन स्वीकृत होने पर हमारे कुछ भागीदार, तुरंत लोन वितरित कर देते हैं।

आमतौर पर एक ग्राहक को पैन, आधार, एड्रेस प्रूफ, एम्प्लॉयमेंट प्रूफ जैसे केवाईसी दस्तावेज और सैलरी स्लिप / बैंक विवरण जैसे आय के दस्तावेज जमा करने होते है।
हालांकि, मामले के अनुसार, ऋणदाता द्वारा अतिरिक्त दस्तावेज की मांग की जा सकती है

लोन की राशि सीधे ग्राहक के बैंक खाते से डेबिट की जाती है। एनएसीएच सुविधा स्थापित करके, ग्राहक, ऋणदाता को संबंधित नियत तारीखों पर सहमत ईएमआई के आधार पर ग्राहक के बैंक खाते से सीधे राशि डेबिट करने के लिए अधिकृत करता है। हालांकि व्यक्ति अपने मोबाइल एप्लिकेशन/वेबसाइट/अधिकृत एजेंट के माध्यम से ऋणदाता को सीधे लोन की राशि का भुगतान कर सकता है। ये जानकारी, ऋणदाताओं द्वारा अपने ग्राहकों को दी जाती है।

सभी ऋणदाता, ग्राहक के प्रत्येक रीपेमेंट/नॉन-पेमेंट की सुचना सिबिल, सीआरईआईएफ हाईमार्क, एक्सपेरियन और इक्विफैक्स सहित सभी चार क्रेडिट ब्यूरो को देते है। रीपेमेंट न करने से क्रेडिट स्कोर तुरंत कम हो जाएगा, जिससे भविष्य में, व्यक्ति की लोन की क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

हाँ, अन्य लोन चुकाने के लिए भी लोन लिया जा सकता है। इसे समेकन (कंसोलिडेशन) कहा जाता है और इससे रीपेमेंट को प्रभावी ढंग से प्रबंधित किया जा सकता है। साथ ही, ब्याज लागत बचाने के लिए, ग्राहकों के लिए उच्च ब्याज दर वाली लोन चुकाने के लिए कम दर वाली लोन ले सकते है। हाउज़िंग लोन में ज़्यादा ब्याज और लंबी अवधि के कारण, उनमे लोन ट्रांसफर सबसे आम है।

यह सलाह दी जाती है कि ऋणदाता के प्रति ग्राहक का कुल निश्चित दायित्व, उसकी कुल मासिक आय के 50% से ज़्यादा नहीं होना चाहिए। हालांकि यह ज़्यादा आय वाले उधारकर्ताओं के लिए ज़्यादा हो सकता है।

आमतौर पर शार्ट टर्म लोन में ब्याज ज़्यादा होता हैं क्योंकि इन लोन की राशि आमतौर पर बहुत छोटी होती है। इसलिए, आमतौर पर, पूर्ण मूल्य में प्राप्त आय प्रति लोन काफी कम होती है। ऋणदाता अपने निश्चित खर्च और क्रेडिट कॉस्ट का ध्यान रखने के लिए ज़्यादा शुल्क लेते हैं।

"कैलकुलेटर पर जाएं > निचे ईएमआई कैलकुलेटर पर स्क्रॉल करें

आप हर तरह की लोन के लिए ईएमआई की गणना कर सकते हैं

ईएमआई की गणना करने के लिए:

लोन की राशि दर्ज करें
स्लाइडर को स्लाइड करके ब्याज दर चुने
अंत में लोन की अवधि चुने
आपको स्क्रीन के नीचे ईएमआई और चुकाए जाने वाली कुल राशि दिखाई देगी।"

म्युचुअल फंड

एसआईपी संबंधित

ऑटो पे आपके मासिक एसआईपी भुगतान के लिए एक बेहद आसान तरीका है। एक बार ऑटो पे के सक्रिय हो जाने के बाद, आपकी एसआईपी तारीख़ पर आपके बैंक खाते से एसआईपी राशि अपने आप डेबिट हो जाएगी।

ENACH मैंडेट सेटअप करने के लिए, कृपया नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:

चरण 1: हैमबर्गर मेनू पर जाकर मैंडेट बुक खोलें और प्लस साइन पर क्लिक करें 

चरण 2: सेटअप eNach मैंडेट पर क्लिक करें।

चरण 3: अपना बैंक खाता चुने और अपनी अधिकतम ऑटो डेबिट सीमा निर्धारित करें (भविष्य में एसआईपी की राशि बढ़ाने के लिए एक और मैंडेट बनाने की ज़रूरत न पड़े, इसके लिए ज़्यादा राशि चुने)

चरण 4: आपका eNACH मैंडेट शुरू हो गया है और ऑथेंटिकेशन लिंक को प्राप्त करने में कुछ मिनट लगेंगे

चरण 5: eNACH मैंडेट को ऑथेंटिकेट करने के लिए या तो चरणों का पालन करें या मैंडेट बुक पर फिर से जाकर ऑथेंटिकेट नाउ पर क्लिक करें

चरण 6: अगली स्क्रीन पर दिखाई देने वाला ईमेल आईडी वेरीफाई करें और नेटबैंकिंग या डेबिट कार्ड से मैंडेट को ऑथेंटिकेट करने के लिए आगे बढ़ें

चरण 7: आपका मैंडेट सफलतापूर्वक रजिस्टर होने पर आपको सूचित किया जाएगा

भुगतान में चूक होने से बचने के लिए अपने खाते में पर्याप्त राशि रखें।

 

ऐसा होने के पीछे कुछ कारण हो सकते हैं:

• पहले भुगतान और अगली किस्त की तारीख के बीच, कम से कम 30 दिनों का अंतर् होना चाहिए।

उदा. यदि आप हर महीने की 5 तारीख को नियमित भुगतान के लिए 15 दिसंबर को एसआईपी बनाते हैं, तो आपका एसआईपी 5 फरवरी से कटना शुरू हो जाएगा।

• आपका E-Nach मैंडेट, आपके एसआईपी की नियत तारीख़ से केवल 7 कार्य दिवस पहले स्वीकृत किया गया है।

• आपने एसआईपी बंद कर दिया है।

• यदि एसआईपी की नियत तारीख़ के दिन वीकेंड/छुट्टी हो, तो यह अगले कार्य दिवस पर काटा जाएगा।

• E-Nach मैंडेट द्वारा आपका ऑटोपे रजिस्टर नहीं किया गया है।

E-Nach मैंडेट को स्वीकृत होने में आमतौर पर 3-5 कार्य दिवस लगते हैं।

आपके खाते से एसआईपी को डीलिंक करने में लगभग 7 कार्य दिवस लगते हैं। इसलिए, यदि एसआईपी रद्द करने के लिए अनुरोध की गई तारीख़ और एसआईपी के अगले भुगतान की तारीख़ के बीच 7 कार्य दिवसों से कम का अंतर है, तो उस महीने के लिए पैसे ऑटो डेबिट होंगे। हालाँकि, यह अगले महीने से नहीं होना चाहिए।

 

अपने प्राथमिक बैंक खाते के अलावा किसी अन्य खाते से एसआईपी ऑटो डेबिट शुरू करने के लिए:

• नया बैंक खाता जोड़ें।

• उस बैंक खाते से एक E-Nach मैंडेट बनाएं।

• मैंडेट स्वीकृत हो जाने के बाद, चल रहे एसआईपी को बंद कर दें और नए बैंक खाते/मैंडेट के साथ एक नया एसआईपी शुरू करें।

ऑटोपे वन-टाइम रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया है जिसके तहत आप मनीफाई को उसके प्लेटफॉर्म पर आपके पेमेंट्स ऑटोमेट करने के लिए अधिकृत करते हैं।

आपके ऑटोपे को आपके बैंक के साथ वेरिफिकेशन और रेजिस्ट्रेशन के लिए भेजा जाता है। अपने बैंक से स्वीकृति मिलने के बाद, आप ऑटोपे द्वारा निवेश करना शुरू कर सकते हैं। एसआईपी के लिए, ऑटोपे के तहत, निर्धारित आवृत्ति के अनुसार आपकी एसआईपी राशि अपने आप डेबिट हो जाती है, जिससे आप निर्बाध रूप से और आसानी से निवेश कर सकते है।

निर्बाध निवेश अनुभव के लिए हम आपको ऑटोपे सेट करने की सलाह देते है।

 

एसआईपी का दिन, हर महीने की वह तारीख होती है जिस दिन आपकी एसआईपी की किस्तें काटी जाती हैं। यदि आपने E-nach मैंडेट बनाया है, तो राशि आपके खाते से ऑटो-डेबिट हो जाती है।

 

नहीं, आपको मौजूदा एसआईपी को बंद करना होगा और नया एसआईपी शुरू करना होगा।

हां, आप एक ही म्यूचुअल फंड में कई एसआईपी शुरू कर सकते हैं।

 

एसआईपी शुरू करने के लिए:

चरण 1: एमपिन का उपयोग करके ऐप पर लॉगऑन करें

चरण 2: अपना केवाईसी पूरा करें

चरण 3: इच्छित फंड चुने

चरण 4: फंड पर क्लिक करें और एसआईपी की राशि और तारीख चुनकर एसआईपी निवेश सेट अप करें। हर महीने जितना निवेश किया जाएगा, राशि उतनी होगी ।

चरण 5: बस और क्या, अपने पैसे को बढ़ते हुए देखें!

 

अपने म्युचुअल फंड एसआईपी को बंद करने के लिए, नीचे दिए गए चरणों का पालन करें -

• हैमबर्गर मेन्यू में जाएं। 

• मैनेजमेंट इन्वेस्टमेंट पर क्लिक करें।

• अपने मौजूदा एसआईपी के सामने दिए गए तीन डॉट पर क्लिक करें। 

• स्टॉप एसआईपी चुनें।

मनीफाई पर आप केवल मासिक एसआईपी चुन सकते हैं।

ऐसा होने के कुछ कारण हो सकते हैं:

• पहले भुगतान और अगली किस्त की तारीख के बीच हम 30 दिनों का अंतर रखते हैं।

उदा. अगर आप हर महीने की 5 तारीख को नियमित भुगतान के लिए 15 दिसंबर को एसआईपी बनाते हैं, तो आपका एसआईपी 5 फरवरी से कटना शुरू हो जाएगा।

• आपका E-Nach मैंडेट, आपके एसआईपी की नियत तारीख़ से केवल 7 कार्य दिवस पहले स्वीकृत किया गया है।

• आपने एसआईपी बंद कर दिया है।

• यदि एसआईपी की नियत तारीख़ के दिन वीकेंड/छुट्टी हो, तो यह अगले कार्य दिवस पर काटा जाएगा।

• E-Nach मैंडेट द्वारा आपका ऑटोपे रजिस्टर नहीं किया गया है।

चुके हुए एसआईपी का भुगतान करने के लिए:

• माय पोर्टफोलियो पर जाएं

• फंड पर इन्वेस्ट मोर पर क्लिक करें

• उक्त राशि के लिए वन-टाइम ट्रांजेक्शन पूरा करें।

इस स्थिति में आपका ट्रांजेक्शन प्रोसेस नहीं किया जाएगा। कृपया ध्यान दें, पर्याप्त राशि न होने के कारण ओटीएम ट्रांजेक्शन असफल होने पर कुछ बैंको द्वारा शुल्क लिए जाते हैं। इसलिए कृपया अपने बैंक खाते में पर्याप्त राशि बनाए रखें ताकि आपको बैंक द्वारा लिया जाने वाला दंड न देना पड़े।

अन्य प्रश्न

कुछ बैंक, E-Nach मैंडेट के सेटअप के लिए रु 20 – 100 जैसा मामूली शुल्क लेते है। हालांकि, आपको अपनी बैंक से इसका पता लगाना होगा।

मनीफाई द्वारा कोई शुल्क नहीं लिया जाता, हालांकि एक डिस्ट्रीब्यूटर होने के नाते हमें विभिन्न एएमसी से फंड वितरित करने के लिए कमीशन मिलता है। कमीशन रेट के बारे में जानने के लिए, नीचे दिए गए लिंक https://www.tatacapital.com/content/dam/tata-capital/pdf/mutual-fund-disclosure/Disclosure%20%20Trail%201st%20Jun%2720%20TSL.pdf पर क्लिक करें। 

ट्रांजेक्शन, दो अलग-अलग स्तरों पर असफल हो सकता है-

ए) प्लेटफॉर्म पर, यदि हमारा ट्रांजेक्शन एग्जीक्यूटिव पार्टनर, बीएसई स्टार एमएफ, ट्रांजेक्शन को प्रोसेस नहीं कर पाते। ऐसे मामले में, रिफंड 24-48 घंटों में हो जाएगा।

बी) एएमसी स्तर पर, जहां आवेदन, एएमसी द्वारा अस्वीकृत किया जाता है। ऐसे मामले में, रिफंड का समय, एएमसी द्वारा निर्धारित किया जाता है।

किसी भी कारोबारी दिन के लिए, यदि कट ऑफ समय में एएमसी के बैंक खाते में पैसे किए जाए, तो नीचे दिया गया टेबल देखें।



म्युचुअल फंड स्किम

परचेज़ कट-ऑफ समय

यदि कट-ऑफ समय में जमा किया जाए

यदि कट ऑफ टाइम के बाद जमा किया जाए

लिक्विड फंड

दोपहर 12:30 बजे

पिछले दिन का एनएवी

उसी दिन का एनएवी

इक्विटी/डेट फंड

दोपहर 2 बजे

उसी दिन का एनएवी

अगले दिन का एनएवी

वीकेंड या बैंक हॉलिडे के दिन निवेश करने पर, आपकी खरीद पर अगले कारोबारी दिन का एनएवी लागू होगा।

 

एमएफ कार्ट

कार्ट विकल्प से आप एक साथ कई म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट ऑर्डर दे सकते है। कार्ट विकल्प के साथ, आप एक साथ कई फंड के साथ लंपसम ट्रांजेक्शन पुरे कर सकते हैं या एक साथ कई फंड में एसआईपी रजिस्टर कर सकते हैं। यह, सभी निवेशों को एक-साथ लाने और एक बार में भुगतान करने का आसान तरीका है।

एमएफ स्क्रीनर्स / फ़िल्टर

एमएफ फिल्टर का उपयोग, इच्छित मापदंडों के अनुसार फंड ढूंढने के लिए किया जाता है।

फंड ढूंढने के लिए, एप्लिकेशन के ऊपरी हिस्से पर स्थित सर्च आइकन पर क्लिक करें। फिर आप जिस फंड की तलाश कर रहे हैं उसका नाम टाइप करें या अपनी पसंदगी के आधार पर फंड को शॉर्टलिस्ट करने के लिए विभिन्न फिल्टर का उपयोग करें।

आप निम्नलिखित मानदंडों के आधार पर फंड को फ़िल्टर कर सकते हैं-

• फंड की श्रेणी

• फंड का प्रकार

• न्यूनतम निवेश

• रेट देने वाला

• रेटिंग

फंड्स की तुलना करें

कंपेयर फंड फीचर से आप एक ही समय में एक ही या विभिन्न श्रेणियों से दो फंड की तुलना कर सकते है।

कंपेयर फंड फीचर का इस्तेमाल करने के लिए:

• आप जिस फंड की तुलना करना चाहते है, उसे ढूंढे

• फंड पर क्लिक करें

• निचले बाएँ कोने पर उपलब्ध कंपेयर आइकॉन पर क्लिक करें

• जिस दूसरे फंड की आप तुलना करना चाहते है, उसे जोड़ें

फंड की तुलना निम्नलिखित विशेषताओं के आधार पर की जाती है-

• सामान्य तुलना - श्रेणी, उप-श्रेणी, इन्वेस्टमेंट होराइजन, योग्यता, फंड रिस्क ग्रेड, गुणवत्ता, रेटिंग, रिटर्न और निवेश का विवरण।

• विस्तृत तुलना - एसेट अलोकेशन, विथड्रावल, स्किम का विवरण, प्लान पोर्टफोलियो और टॉप सेक्टर होल्डिंग्स।

विथड्रॉ या रिडीम

नीचे बताए गए चरणों का पालन करें-

• ऐप के पोर्टफोलियो विभाग में जाएं

• आप जिस फंड को रिडीम करना चाहते है, उस पर क्लिक करें

• रिडीम विकल्प चुनें

रिडेम्पशन शुरू करने के बाद, फंड्स की विशिष्ट श्रेणियों के लिए टाइमलाइन नीचे दी गई है -

क्रमांक

फंड की श्रेणी

टाइमलाइन

1

इक्विटी फंड

3-4 कार्य-दिवस

2

डेब्ट फंड

1-4 कार्य-दिवस

3

हाइब्रिड फंड

3-4 कार्य-दिवस

4

कमोडिटी फंड

3-5 कार्य-दिवस

5

ग्लोबल / इंटरनेशनल फंड

5-8 कार्य-दिवस

6

रियल एस्टेट फंड

15-30 कार्य-दिवस



हो सकता है फोलियो के केवाईसी के साथ कुछ समस्या हो, इस समस्या को हल करने के लिए कृपया हमसे या एएमसी से संपर्क करें।

रिडेम्पशन के लिए किया गया अनुरोध निम्नलिखित कारणों से असफल हो सकता है:

• स्टॉक गिरवी रखे गए हो सकते है या स्टॉक बेचने योग्य नहीं होंगे

• रिडेम्पशन की कोशिश क्लोज एंडेड फंड में की गई होंगी

• हो सकता है की निवेश में लॉक-इन हो 

• फोलियो के केवाईसी में कुछ समस्या हो सकती है

मदद के लिए, कृपया हमें अपनी रजिस्टर्ड ईमेल आईडी से moneyfycare@tatacapital.com पर लिखें। जिस फंड के लिए रिडेम्पशन का अनुरोध किया गया है, कृपया उसकी जानकारी भी दे।

यह फंड के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। उदा. सभी ईएलएसएस म्यूचुअल फंड में 3 साल का लॉक इन पीरियड होता है। ज़्यादातर अन्य ओपन एंडेड म्यूचुअल फंड में कोई लॉक-इन पीरियड नहीं होता।

 

मनीफाई द्वारा विथड्रावल पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता। हालांकि, एएमसी (फंड हाउस) एग्जिट लोड लेते हैं।

एग्जिट लोड एक शुल्क या राशि है, जो निवेशक द्वारा निश्चित समय अवधि से पहले, यानि की 7 दिन से 3 साल के बीच, एक योजना से बाहर निकलने या उसे छोड़ने के लिए एएमसी द्वारा ली जाती है।

फंड की अलग-अलग श्रेणियों पर एग्जिट लोड लागू होते हैं:

• इक्विटी फंड - आम तौर पर 0.25% से 1%

• डेट फंड - आम तौर पर 0.5% से 3%

• लिक्विड फंड - 7 दिनों तक

• हाइब्रिड फंड- आम तौर पर 0.25% से 1%

एएमसी के साथ अपडेट किए गए प्राथमिक बैंक खाते में पैसा जमा किए जाते है।

नहीं, पैसा केवल निवेश करते समय एएमसी के साथ रजिस्टर किए गए बैंक खाते में ही जमा किया जा सकता है। यदि आप एएमसी के साथ बैंक खाता बदलना चाहते हैं तो कृपया एमएफ सेंट्रल - www.mfcentral.com में लॉगिन करें।

एसआईपी को वापस लेना और बंद करना दो अलग-अलग चीजें हैं। निवेश ला विथड्रावल तब होता है जब आप अपने एसआईपी के ऑटो डेबिट को रोकने के लिए अपने संचित निवेश को वापस लेते हैं, आपको अपना एसआईपी बंद करना होता है।

अपने म्युचुअल फंड एसआईपी को बंद करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:-

• हैमबर्गर मेन्यू में जाएं। 

• मैनेजमेंट इन्वेस्टमेंट पर क्लिक करें।

• अपने मौजूदा एसआईपी के सामने दिए गए तीन डॉट पर क्लिक करें। 

• स्टॉप एसआईपी चुनें।

हर दिन, नेट एसेट वैल्यू (एनएवी) की घोषणा दिन के ट्रेड की समाप्ति के बाद की जाने कारण, आप जिस समय रिडेम्पशन के लिए अनुरोध करते हैं, वह महत्वपूर्ण होता है। हालांकि, एनएवी रिडेम्पशन के केवल उन अनुरोधों के लिए लागू होता है जो एक दिन में दोपहर 3 बजे तक किए जाते हैं, इसके बाद अगले दिन की एनएवी लागू होती है। 

 

म्युचुअल फंड स्किम

रिडेम्पशन  कट-ऑफ समय

यदि कट-ऑफ समय में जमा किया जाए

यदि कट ऑफ टाइम के बाद जमा किया जाए

लिक्विड/ओवरनाइट फंड

दोपहर 3 बजे

उसी दिन का एनएवी

अगले दिन का एनएवी

इक्विटी/डेट फंड

दोपहर 3 बजे

उसी दिन का एनएवी

अगले दिन का एनएवी

किसी गैर-कारोबारी दिवस या सार्वजनिक छूटी के दिन, रिडेम्पशन के लिए प्राप्त किए गए सभी अनुरोधों के लिए, आपके अनुरोध के लिए अगले कार्य दिवस की एनएवी लागू की जाएगी और रिडेम्पशन आय आपके खाते में, योजना के प्रकार के आधार पर, 2-4 कारोबारी दिनों में जमा कर दी जाएगी।

मोबाइल नंबर/ईमेल आईडी अपडेट करने में समस्या के मामले में, www.mfcentral.com या संबंधित एएमसी वेबसाइट पर जाएं और सही संपर्क जानकारी अपडेट करने के लिए अपने पैन का उपयोग करके लॉगिन करें। यदि आप लॉगिन नहीं कर पा रहे हैं, तो कृपया अपनी नज़दीकी एएमसी ब्रांच ऑफिस में जाएँ।

आरटीए/एएमसी के साथ अपनी संपर्क जानकारी अपडेट होने के बाद, उसे मनीफाई के साथ अपडेट करने में आमतौर पर 5-7 दिन लगते हैं।

नए या अतिरिक्त निवेश

एसआईपी राशि बढ़ाने के लिए आप उसी फंड में नया एसआईपी शुरू कर सकते हैं.

एसआईपी राशि को कम करने के लिए आपको मौजूदा एसआईपी को बंद करना होगा और संशोधित राशि के साथ उसी फंड में एक नया एसआईपी शुरू करना होगा।

 

हां, आप एक ही म्यूचुअल फंड में कई एसआईपी शुरू कर सकते हैं।

अधिक पैसे निवेश करने के लिए:

• "पोर्टफोलियो विभाग" पर जाएं

• मौजूदा निवेश की जाँच करें

• विशेष योजना पर जाएँ

• इन्वेस्ट मोर पर क्लिक करें

म्युचुअल फंड में निवेश, व्यक्तिगत रिस्क प्रोफ़ाइल और निवेश में अनुभव पर आधारित होते हैं। अपनी रिस्क प्रोफ़ाइल देखने के लिए, आप "प्रोफ़ाइल विभाग" के अंतर्गत "रिस्क प्रोफ़ाइल" पेज पर जा सकते हैं, जिसके बाद यूज़र के लिए उपयुक्त फंड की सूची, अपने आप प्रकाशित हो जाएगी.

आप निम्न तरीकों से निवेश कर सकते हैं:

• निवेश के विकल्प

• लक्ष्य

• थीम आधारित विकल्प, या

• हमारे सर्च फीचर की मदद से फंड खोजें

मनीफाई पर सभी मुख्य ओपन एंडेड फंड उपलब्ध हैं।

एसटीपी शुरू करने के लिए:

• हैमबर्गर मेन्यू में जाएं

• मैनेज इन्वेस्टमेंट पर क्लिक करें

• एसआईपी विकल्प पर जाएं, इच्छित फंड पर क्लिक करें

• एसटीपी टैब चुने

 

एसडब्ल्यूपी शुरू करने के लिए:

• हैमबर्गर मेन्यू में जाएं

• मैनेज इन्वेस्टमेंट पर पर क्लिक करें

• एसआईपी विकल्प पर जाएं

• इच्छित फंड पर क्लिक करें

• एसडब्ल्यूपी टैब चुनें।

मनीफाई के पोर्टफोलियो विभाग में जाकर, ट्रैक एक्सटर्नल इन्वेस्टमेंट्स पर क्लिक करके बाहरी निवेशों को ट्रैक किया जा सकता है। आपके सभी निवेश अपडेट हो जाएंगे।

आपके दिए गए पैन और मोबाइल नंबर से लिंक किए सभी बाहरी निवेश, एमएफ सेंट्रल से निकाले जाते हैं। यदि आप अपने सभी निवेशों को देख नहीं पा रहे, तो कृपया हमें moneyfycare@tatacapital.com पर लिखें।

एनएफओ बंद होने की तारीख के बाद, पोर्टफोलियो को अपडेट करने में आमतौर पर 7-10 दिन लगते हैं। कृपया तब तक प्रतीक्षा करें और फिर आपके पोर्टफोलियो में आपके सभी एनएफओ निवेश दिखाई देंगे।

भुगतान और किस्तें

ऑटो डेबिट

ऑटोपे, एसआईपी के मासिक भुगतान के लिए एक आसान तरीक़ा है। एक बार ऑटोपे सक्रिय होने के बाद, आपकी एसआईपी तारीख़ पर आपके बैंक खाते से एसआईपी राशि अपने आप डेबिट हो जाएगी।

ENACH मैंडेट सेटअप करने के लिए, कृपया नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:

चरण 1: हैमबर्गर मेनू पर जाकर मैंडेट बुक खोलें और प्लस साइन पर क्लिक करें 

चरण 2: सेटअप eNach मैंडेट पर क्लिक करें।

चरण 3: अपना बैंक खाता चुने और अपनी अधिकतम ऑटो डेबिट सीमा निर्धारित करें (भविष्य में एसआईपी की राशि बढ़ाने के लिए एक और मैंडेट बनाने की ज़रूरत न पड़े, इसके लिए ज़्यादा राशि चुने)

चरण 4: आपका eNACH मैंडेट शुरू हो गया है और ऑथेंटिकेशन लिंक को प्राप्त करने में कुछ मिनट लगेंगे

चरण 5: eNACH मैंडेट को ऑथेंटिकेट करने के लिए या तो चरणों का पालन करें या मैंडेट बुक पर फिर से जाकर ऑथेंटिकेट नाउ पर क्लिक करें

चरण 6: अगली स्क्रीन पर दिखाई देने वाला ईमेल आईडी वेरीफाई करें और नेटबैंकिंग या डेबिट कार्ड से मैंडेट को ऑथेंटिकेट करने के लिए आगे बढ़ें

चरण 7: आपका मैंडेट सफलतापूर्वक रजिस्टर होने पर आपको सूचित किया जाएगा

भुगतान में चूक होने से बचने के लिए अपने खाते में पर्याप्त राशि रखें।

ऐसा होने के पीछे कुछ कारण हो सकते हैं:

• पहले भुगतान और अगली किस्त की तारीख के बीच, कम से कम 30 दिनों का अंतर् होना चाहिए।

उदा. यदि आप हर महीने की 5 तारीख को नियमित भुगतान के लिए 15 दिसंबर को एसआईपी बनाते हैं, तो आपका एसआईपी 5 फरवरी से कटना शुरू हो जाएगा।

• आपका E-Nach मैंडेट, आपके एसआईपी की नियत तारीख़ से केवल 7 कार्य दिवस पहले स्वीकृत किया गया है।

• आपने एसआईपी बंद कर दिया है।

• यदि एसआईपी की नियत तारीख़ के दिन वीकेंड/छुट्टी हो, तो यह अगले कार्य दिवस पर काटा जाएगा।

• E-Nach मैंडेट द्वारा आपका ऑटोपे रजिस्टर नहीं किया गया है।

आपके खाते से एसआईपी को डीलिंक करने में लगभग 7 कार्य दिवस लगते हैं। इसलिए, यदि एसआईपी रद्द करने के लिए अनुरोध की गई तारीख़ और एसआईपी के अगले भुगतान की तारीख़ के बीच 7 कार्य दिवसों से कम का अंतर है, तो उस महीने के लिए पैसे ऑटो डेबिट होंगे। हालाँकि, यह अगले महीने से नहीं होना चाहिए।

अपने प्राथमिक बैंक खाते के अलावा किसी अन्य खाते से एसआईपी ऑटो डेबिट शुरू करने के लिए:

• नया बैंक खाता जोड़ें।

• उस बैंक खाते से एक E-Nach मैंडेट बनाएं।

• मैंडेट स्वीकृत हो जाने के बाद, चल रहे एसआईपी को बंद कर दें और नए बैंक खाते/मैंडेट के साथ एक नया एसआईपी शुरू करें।

ऑटोपे वन-टाइम रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया है जिसके तहत आप मनीफाई को उसके प्लेटफॉर्म पर आपके पेमेंट्स ऑटोमेट करने के लिए अधिकृत करते हैं।

आपके ऑटोपे को आपके बैंक के साथ वेरिफिकेशन और रेजिस्ट्रेशन के लिए भेजा जाता है। अपने बैंक से स्वीकृति मिलने के बाद, आप ऑटोपे द्वारा निवेश करना शुरू कर सकते हैं। एसआईपी के लिए, ऑटोपे के तहत, निर्धारित आवृत्ति के अनुसार आपकी एसआईपी राशि अपने आप डेबिट हो जाती है, जिससे आप निर्बाध रूप से और आसानी से निवेश कर सकते है।

निर्बाध निवेश अनुभव के लिए हम आपको ऑटोपे सेट करने की सलाह देते है।

भुगतान और किश्तें

ऐसा होने के कुछ कारण हो सकते हैं:

• पहले भुगतान और अगली किस्त की तारीख के बीच हम 30 दिनों का अंतर रखते हैं।

उदा. अगर आप हर महीने की 5 तारीख को नियमित भुगतान के लिए 15 दिसंबर को एसआईपी बनाते हैं, तो आपका एसआईपी 5 फरवरी से कटना शुरू हो जाएगा।

• आपका E-Nach मैंडेट, आपके एसआईपी की नियत तारीख़ से केवल 7 कार्य दिवस पहले स्वीकृत किया गया है।

• आपने एसआईपी बंद कर दिया है।

• यदि एसआईपी की नियत तारीख़ के दिन वीकेंड/छुट्टी हो, तो यह अगले कार्य दिवस पर काटा जाएगा।

• E-Nach मैंडेट द्वारा आपका ऑटोपे रजिस्टर नहीं किया गया है।

चुके हुए एसआईपी का भुगतान करने के लिए:

• माय पोर्टफोलियो पर जाएं

• फंड पर इन्वेस्ट मोर पर क्लिक करें

• उक्त राशि के लिए वन-टाइम ट्रांजेक्शन पूरा करें।

इस स्थिति में आपका ट्रांजेक्शन प्रोसेस नहीं किया जाएगा। कृपया ध्यान दें, पर्याप्त राशि न होने के कारण ओटीएम ट्रांजेक्शन असफल होने पर कुछ बैंको द्वारा शुल्क लिए जाते हैं। इसलिए कृपया अपने बैंक खाते में पर्याप्त राशि बनाए रखें ताकि आपको बैंक द्वारा लिया जाने वाला दंड न देना पड़े।

बैंक और मैंडेट

दूसरा बैंक खाता जोड़ने के लिए:

ए. अपने मनीफाई ऐप के प्रोफाइल विभाग में जाएँ।

बी. अतिरिक्त बैंक खाता जोड़ने के लिए ऐड मोर बैंक चुने।

सी. बैंक विवरण डाले और प्रोसीड पर क्लिक करें।

डी. पैनी ड्रॉप द्वारा अपने बैंक खाते को सत्यापित करने के लिए इंस्टेंट वेरिफिकेशन पर क्लिक करें। यदि पैनी ड्राप काम न करे, तो आपको सत्यापन के लिए रद्द किया गया चेक देना होगा।

ई. सत्यापन के बाद, बैंक खाता सफलतापूर्वक जोड़ा जाएगा।

अपने प्राथमिक बैंक खाते के अलावा किसी अन्य खाते से एसआईपी ऑटो डेबिट शुरू करने के लिए:

• नया बैंक खाता जोड़ें।

• उस बैंक खाते से एक E-Nach मैंडेट बनाएं।

• मैंडेट स्वीकृत हो जाने के बाद, चल रहे एसआईपी को बंद कर दें और नए बैंक खाते/मैंडेट के साथ एक नया एसआईपी शुरू करें।

आप ज़्यादा से ज़्यादा पांच बैंक खाते जोड़ सकते हैं।

यदि आपके पास नेट बैंकिंग का विकल्प नहीं है, तो अपना भुगतान पूरा करने के लिए आप यूपीआई का उपयोग कर सकते हैं।

E-Nach मैंडेट के लिए, मनीफाई द्वारा समर्थित बैंकों की सूची के लिए कृपया नीचे दी गई लिंक देखें।

https://www.npci.org.in/PDF/nach/live-members-e-mandates/Live-Banks-in-API-E-Mandate.pdf

यूपीआई द्वारा भुगतान स्वीकार करने वाली बैंक की सूची के लिए कृपया नीचे दी गई लिंक को देखें - https://www.npci.org.in/what-we-do/upi/live-members

लक्ष्य, निवेश विकल्प और अन्य

लक्ष्य

मनीफाई पर लक्ष्य, आपकी भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए, आपके लिए निवेश की आवश्यकता की गणना करने का एक आसान और सरल तरीका है।

इससे आपको घूमने जाने, रिटायरमेंट फण्ड बनाने, घर खरीदने या अपनी पसंद के किसी अन्य लक्ष्य जैसे लक्ष्यों के लिए निवेश आवश्यकताओं की गणना करने में मदद मिलती हैं।

निम्नलिखित पूर्व-निर्धारित लक्ष्य मनीफाई पर उपलब्ध हैं:

• शिक्षा

• घर

• कार

• शादी

• पैसे बनाना

• घूमने जाना

• रिटायरमेंट

आप अपनी पसंद के अनुसार कोई और लक्ष्य भी जोड़ सकते हैं

लक्ष्य से जुड़े जोखिम से आप अपने निवेश के लिए आवंटित संपत्ति की जाँच कर सकते है। लक्ष्य की अवधि जितनी लंबी होगी, आपके पास लक्ष्य के जोखिम की क्षमता उतनी ही ज़्यादा होगी।

इंस्टेंट रिडेम्पशन

इंस्टेंट रिडेम्पशन फीचर की मदद से आप किसी भी दिन, बिना किसी एक्जिट लोड के, आपके बैंक खाते में रु. 50,000 या 90%, जो भी कम हो, निकाल सकते है। यह राशि तुरंत निकल जाती है और कुछ ही मिनटों में आपके बैंक खाते में दिखाई देती है, जबकि बाकि की राशि अगले दो दिनों में आपके बैंक खाते में जमा कर दी जाती है।

इंस्टेंट रिडेम्पशन फंड आपके निष्क्रिय पैसे रखने का एक आदर्श स्थान है क्योंकि इसमें आप अपनी बैंक के बचत खाते से अधिक कमा सकते हैं।

इंस्टेंट रिडेम्पशन फंड में निवेश करने के लिए:

• होम पेज पर जाएं

• इन्वेस्टमेंट पर क्लिक करें

• इन्वेस्ट इन इंस्टेंट रिडेम्पशन फंड पर क्लिक करें

• निवेश करने के लिए फंड चुनें

• इन्वेस्ट नौ करें पर क्लिक करें

इंस्टैंट रिडेम्पशन फंड से पैसे निकालने के लिए:

• होम पेज पर जाएं

• पोर्टफोलियो पर क्लिक करें

• इंस्टैंट रिडेम्पशन फंड चुनें

• रिडीम पर क्लिक करें

मनीफाई पर म्युचुअल फंड स्कीम और इंस्टेंट रिडेम्पशन स्कीम में किए गए निवेश पर रिटर्न ट्रैक करना अलग-अलग है। म्युचुअल फंड लंबी अवधि के लिए पैसे इकट्ठा करने के लिए होते हैं, वही इंस्टेंट रिडेम्पशन फंड का उपयोग, बैंक के बचत खातों के बजाय निष्क्रिय पैसो को जमा करने के लिए और ज़रूरत पड़ने पर बेहतर रिटर्न और इंस्टेंट रिडेम्पशन का लाभ उठाने के लिए किया जाता है।

इसलिए, इंस्टेंट रिडेम्पशन फंड को अन्य निवेशों से अलग रखा जाता है क्योंकि वे म्यूचुअल फंड में आपके दीर्घकालिक निवेश पर वृद्धि या रिटर्न की गलत जानकारी पेश कर सकते हैं।

रिस्क प्रोफाइलिंग

रिस्क प्रोफाइलिंग, प्रत्येक निवेशक की जोखिम लेने की क्षमता और जोखिम लेने की इच्छा का आकलन करने की एक प्रक्रिया है।

रिस्क प्रोफ़ाइल का मूल्यांकन, विभिन्न प्रश्न पूछकर किया जाता है जो निवेशक के निवेश के लक्ष्यों, जोखिम लेने की क्षमता, निवेश के समय को निर्धारित करने में मदद करता है। इस जोखिम मूल्यांकन के आधार पर निवेशक सही निवेश योजनाएं चुन सकते है।

आपसे कुछ सरल प्रश्न पूछें जाते है जिससे आपके निवेश लक्ष्यों, जोखिम लेने की क्षमता, निवेश का समय आदि निर्धारित किया जा सकें। इस जोखिम मूल्यांकन के आधार पर आप सही निवेश योजनाएं चुन सकते है।

रिस्क प्रोफाइल के आधार पर निवेशक को निम्न श्रेणियों में से एक में वर्गीकृत किया जा सकता है:

1. कन्सेर्वटिव

2. मॉडरेट

3. अग्रेसिव

4. सुपर - अग्रेसिव

निवेशक कुछ वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निवेश करते हैं। रिस्क प्रोफाइलिंग से निवेशकों को यह समझने में मदद मिलती है कि वे कितना जोखिम ले सकते हैं और लेने के लिए तैयार हैं और इस तरह उन्हें उनकी रिस्क प्रोफ़ाइल के अनुसार उचित निवेश करने में मदद मिलती है।

आप सरल प्रश्नों का उत्तर देकर अपनी रिस्क प्रोफ़ाइल कर सकते हैं। आपकी रिस्क प्रोफ़ाइल निर्धारित करने में आपकी मदद करने के लिए "प्रोफ़ाइल विभाग" के अंतर्गत रिस्क प्रोफ़ाइल पर क्लिक करें।

अपनी रिस्क प्रोफ़ाइल को अपडेट करने के लिए, आप जब चाहें तब रिस्क प्रोफ़ाइल का मूल्यांकन फिर से कर सकते हैं।

म्युचुअल फंड केवाईसी और लॉगिन प्रोफाइल

म्युचुअल फंड [एमएफ] केवाईसी प्रक्रिया

निवेशकों की पहचान और पते को सत्यापित करने के लिए नियामक द्वारा केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) अनिवार्य है। इसमें आपकी वित्तीय स्थिति, व्यवसाय और अन्य व्यक्तिगत जानकारी शामिल होती है। केवाईसी अनुपालन करने और किसी भी म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू करने के लिए ऐसी जानकारी का सत्यापन होना ज़रूरी है।

कृपया जांचे की क्या आपने एमएफ केवाईसी के सभी चरणों को पूरा कर लिया है या नहीं।

 यदि आप म्युचुअल फंड में पहली बार निवेश कर रहे हैं तो आपका अंतिम चरण आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी के आधार पर आपके आधार को सत्यापित करना होगा और यदि आप म्यूचुअल फंड के मौजूदा निवेशक हैं तो आपका अंतिम चरण अपना हस्ताक्षर अपलोड करना होगा।

• एमएफ में पहली बार निवेश करने वालो के लिए - आपके केवाईसी को सत्यापित करने में आमतौर पर 3 - 5 कार्य दिवस लगते हैं।

• एमएफ में मौजूदा निवेशक के लिए - आपके केवाईसी को सत्यापित करने और निवेश शुरू करने में आमतौर पर 15 मिनट - 1 घंटा लगता है।

यदि आपको अभी भी कोई समस्या हो, तो कृपया हमें अपनी पंजीकृत ईमेल आईडी से moneyfycare@tatacapital.com पर लिखें।

यदि आप केवाईसी अनुपालन कर रहे हैं, तो आपको संपूर्ण केवाईसी के बजाय निम्नलिखित जानकारी जमा करनी होगी-

ए. व्यक्तिगत जानकारी

बी. वित्तीय जानकारी

सी. बैंक की जानकारी

डी. हस्ताक्षर अपलोड करें

अपना केवाईसी पूरा करने के लिए नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन करें:

1. होम पेज पर “मेक यर अकाउंट रेडी फॉर इन्वेस्टमेंट” पर क्लिक करें।

2. पैन विवरण और जन्म तारीख़ दर्ज करें।

3. स्टार्ट प्रोसेस पर क्लिक करें।

 

ए. यदि केवाईसी प्रक्रिया पहले ही हो गई है

• व्यक्तिगत जानकारी, पता, बैंक की जानकारी और वित्तीय जानकारी प्रदान करें

• बैंक खाते को सत्यापित न कर पाने पर रद्द किया गया चेक जमा करना होता है

• स्क्रीन पर हस्ताक्षर की तस्वीर अपलोड करें।

• सबमिट केवाईसी डिटेल्स पर क्लिक करें

• आपके केवाईसी को सत्यापित होने और आपके निवेश खाते को तैयार होने में आमतौर पर 15 मिनट - 1 घंटा लगता है।

 

बी. यदि पहले केवाईसी प्रक्रिया पूरी न की गई हो तो :

• व्यक्तिगत जानकारी, पता, बैंक की जानकारी और वित्तीय जानकारी प्रदान करें

• बैंक खाते को सत्यापित न कर पाने पर रद्द किया गया चेक जमा करना होता है

• डिजीलॉकर के माध्यम से अपना पहचान प्रमाण {पैन कार्ड} और पते का प्रमाण {आधार} अपलोड करें

• यदि आप डिजीलॉकर द्वारा अपनी जानकारी अपलोड नहीं कर पा रहे, तो कृपया दस्तावेजों को मैन्युअल रूप से अपलोड करें

• अपनी पहचान सत्यापित करने के लिए, एक सेल्फ़ी क्लिक करें.

• स्क्रीन पर हस्ताक्षर की तस्वीर अपलोड करें। यदि आप अपने हस्ताक्षर की तस्वीर अपलोड कर रहे हैं, तो कृपया एक खाली सफ़ेद कागज़ [बिना रेखाओं के] पर हस्ताक्षर करें।

• आधार ओटीपी प्रक्रिया का उपयोग करके अपना ई-साइन पूरा करें।

केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आप 3-5 दिनों में म्युचुअल फंड में निवेश करना शुरू कर सकते है।

• बैंक सत्यापन में देरी - प्रदान की गई बैंक की जानकारी गलत होना और आपको एक अन्य बैंक खाता जोड़ने की आवश्यकता हो सकती है। बैंक सत्यापन के लिए आप अपने चेक की तस्वीर भी अपलोड कर सकते हैं।

• ई-साइन बाकी होना - आधार ओटीपी का उपयोग करके ई-साइन का चरण पूरा किया जाना चाहिए

• आपके द्वारा जमा किए गए हस्ताक्षर आपके पैन कार्ड पर किए गए हस्ताक्षर से मेल नहीं खाते

हाँ! आप मान्य दस्तावेजों के साथ फिर से आवेदन कर सकते हैं।

आपका पैन सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार मान्य नहीं है। कृपया एक मान्य पैन कार्ड नंबर दर्ज करें।

क्षमा करें, मनीफाई द्वारा निवेश करने के लिए एक मान्य पैन कार्ड होना ज़रूरी है। कृपया अपना पैन कार्ड निकलवाने के बाद आगे बढ़े।

• जन्म तारीख़ पैन कार्ड के अनुसार होनी चाहिए। अपनी जन्म तारीख़ सत्यापित करने के लिए कृपया अपने पैन कार्ड की तस्वीर शेयर करें।

• केआरए [केवाईसी रजिस्ट्रेशन एजेंसी] रिकॉर्ड में अपडेट की गई जन्म तारीख़ गलत है। अपनी जन्म तारीख़ को सही करने के लिए कृपया अपने संबंधित केआरए को लिखें।

सीवीएल - cvlhelpdesk@cdlindia.com

मनीफाई खाता खोलने के फॉर्म को डिजिटल रूप से प्रोसेस करने के लिए आपके हस्ताक्षर ज़रूरी है।

यदि आप फोन स्क्रीन पर अपने सही हस्ताक्षर नहीं कर पा रहे, तो कृप्या एक खाली सफेद कागज पर हस्ताक्षर करके, अपने हस्ताक्षर की फोटो अपलोड करें।

नॉमिनी रेजिस्ट्रेशन से एक निवेशक की मृत्यु होने पर, उसके पैसे आसानी से ट्रांसफर किए जा सकते है। आपका नॉमिनी परिवार का सदस्य या कोई अन्य व्यक्ति हो सकता है जिस पर आप भरोसा करते हैं।

सेबी के नियमों के अनुसार एक नॉमिनी को नॉमिनेट करना अनिवार्य है, यदि आप नॉमिनी की जानकारी प्रदान करना नहीं चाहते, तो केवाईसी जर्नी फ्लो में बताए अनुसार, आप ऑप्ट आउट ओटीपी प्रक्रिया को अपनाकर ऐसा कर सकते हैं।

यदि आपने पहले ही निवेश करना शुरू कर दिया है और नॉमिनी की जानकारी अपडेट नहीं की, तो कृपया अपने पैन नंबर के साथ www.mfcentral.com पर लॉगिन करके अपने नॉमिनी की जानकारी अपडेट करें।

डिजिलॉकर अडेंडम

डिजिलॉकर दस्तावेजों और प्रमाणपत्रों के स्टोरेज, शेयरिंग और सत्यापन के लिए एक सुरक्षित क्लाउड-आधारित प्लेटफॉर्म है, जिससे ऐप पर ही सभी दस्तावेजों को आसानी से स्टोर किया जा सकता है और भौतिक दस्तावेजों का उपयोग करने की आवश्यकता नहीं रहती।

हां बिलकुल! डिजिलॉकर, इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाय), भारत सरकार द्वारा अपनी डिजिटल इंडिया पहल के तहत प्रदान की जाने वाली एक भारतीय डिजिटाइजेशन ऑनलाइन सेवा है, जो पेपरलेस गवर्नेंस के दृष्टिकोण के विकास के लिए बनाई गई है।

डिजिलॉकर के जरिए दस्तावेज शेयर करने के लिए आपका आधार नंबर आपके मोबाइल नंबर से लिंक हुआ होना चाहिए।

अपने आधार नंबर से लिंक किए गए मोबाइल नंबर को सत्यापित करने के बाद, आपका मनीफाई खाता खोलने के लिए आपके केवाईसी दस्तावेज़ों को अपलोड किया जाएगा।

हो सकता है कि आपके आधार नंबर से जुड़ा पैन नंबर अलग हो या आपने अपने पैन को आधार नंबर से लिंक न किया हो।

इस समस्या का सामना करने पर भी आप अपने दस्तावेज़ों को मैन्युअल रूप से अपलोड करके निवेश करने के लिए केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

मनीफाई डाउनलोड करें और संपूर्ण केवाईसी प्रक्रिया को डिजिटल रूप से केवल पांच मिनट में पूरा करके निवेश करना शुरू करें। ऐसा करने के चरण यहां दिए गए हैं:

अपना मोबाइल नंबर प्रदान करें और प्राप्त ओटीपी प्रदान करके इसे सत्यापित करें

ईमेल एड्रेस की मदद से खाते के लिए साइन अप करें

अगले चरण में अपना पैन और जन्म तारीख़ प्रदान करें

अगले कुछ चरणों में व्यक्तिगत जानकारी जैसे पिता का नाम, लिंग आदि और वित्तीय जानकारी प्रदान करें

बैंक की जानकारी प्रदान करें और इसे तुरंत मान्य करें

प्राप्त ओटीपी दर्ज करके प्रदान की गई ईमेल आईडी सत्यापित करें

अपनी डिजिलॉकर यात्रा शुरू करने के लिए अपना यूआईडीएआई/आधार नंबर दर्ज करें। यह एक ओटीपी द्वारा सत्यापित किया जाएगा जिसके बाद आप मनीफाई के दस्तावेजों को एक्सेस कर पाएंगे। 

इसके बाद अपने मोबाईल से सेल्फी ले। सेल्फी अच्छी रौशनी वाली जगह में ली जानी चाहिए।

अंतिम चरण अपने हस्ताक्षर प्रदान करने के बाद अपने यूआईडीएआई का उपयोग करके दस्तावेज़ पर ई-हस्ताक्षर करना है। 

आपका खाता 3-5 दिनों में जाएगा!

अमेरिका में स्थापित फॉरेन अकाउंट टैक्स कम्प्लायंट एक्ट (एफएटीसीए) नामक एक अधिनियम के कारण, सभी वित्तीय संस्थानों को अमेरिकी व्यक्तियों द्वारा किए गए वित्तीय लेनदेन के बारे में सूचित करना आवश्यक है। मनीफाई को कुछ अमेरिकी निवासियों के पास होने वाले अपतटीय निवेश के माध्यम से कर चोरी को रोकने के लिए अपने यूज़र से एफएटीसीए घोषणा की आवश्यकता होती है।

गैर-भारतीय नागरिक, हाल में मनीफाई द्वारा म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते।

नहीं, यदि आप भारतीय कर निवासी नहीं हैं तो आप मनीफाई पर निवेश नहीं कर सकते।

पॉलिटिकली एक्सपोज्ड पर्सन मतलब वे व्यक्ति जिन्हें मुख्य सार्वजनिक कार्य सौंपे गए हो, जैसे राज्यों या सरकार के प्रमुख, वरिष्ठ राजनेता, वरिष्ठ सरकारी/न्यायिक/सैन्य अधिकारी, राज्य के स्वामित्व वाले निगमों के वरिष्ठ अधिकारी, महत्वपूर्ण राजनीतिक दल के अधिकारी आदि।

लॉगिन और एमपिन

अपना एमपिन रीसेट करने के चरण:

• एंटर एमपिन पेज पर “फॉरगॉट एमपिन” पर क्लिक करें।

• अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करें और "गेट ओटीपी" पर क्लिक करें।

• आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा गया 4 अंकों का ओटीपी दर्ज करें।

• वेरीफाई पर क्लिक करें।

• एमपिन सेट करें और पुष्टि करें।

• रीसेट एमपिन पर क्लिक करें।

हाल में, आप केवल व्यक्तिगत खाता खोल सकते हैं।

हाल में, आप केवल घरेलू व्यक्तिगत खाते खोल सकते हैं।

पोर्टफोलियो और स्टेटमेंट

पोर्टफोलियो

आपके पोर्टफोलियो में आपके द्वारा किए गए निवेश के प्रदर्शित होने में आम तौर पर 2-3 कार्य-दिवस लगते हैं। लेन-देन की स्थिति जानने के लिए आप मनीफाई ऐप/वेबसाइट पर माय ट्रांजेक्शन विभाग में जा सकते हैं।

ऐसा होना तो नहीं चाहिए, लेकिन यदि आप देखते है की आपकी निवेश की जानकारी गलत हैं, तो कृपया अपने पैन नंबर के साथ हमें moneyfycare@tatacapital.com पर लिखें। हमारी सपोर्ट टीम द्वारा इसका समाधान किया जाएगा।

एक बार कट-ऑफ समय में आपकी ओर से निवेश पूरा हो जाने के बाद, अगले कार्य दिवस तक शेयर्स को आवंटित किया जाता है। कट ऑफ समय के बाद, इसे दूसरे कार्य दिवस पर आवंटित किया जाएगा।

शेयर्स को आपके पोर्टफोलियो में प्रदर्शित होने में लगभग 1-2 कार्य दिवस लगते हैं।

आप मनीफाई के “पोर्टफोलियो” विभाग में जाकर अपने पोर्टफोलियो को ट्रैक कर सकते हैं।

स्टेटमेंट

पोर्टफोलियो स्टेटमेंट आपके सभी मौजूदा निवेशों की संक्षिप्त जानकारी है। इसमें निवेश और रिडेम्पशन सहित लेन-देन का विवरण भी शामिल होता हैं। आप इसे अपने पंजीकृत ईमेल एड्रेस पर अपने रिकॉर्ड के लिए पीडीएफ या एक्सएलएस फॉर्मेट में ईमेल द्वारा प्राप्त कर सकते हैं। अपने पोर्टफोलियो स्टेटमेंट के लिए अनुरोध करने के लिए कृपया हमें moneyfycare@tatacapital.com पर लिखें।

यदि आपको प्राप्त हुए स्टेटमेंट में कोई गलती हैं, तो कृपया अपने स्टेटमेंट के प्रकार, फोलियो नंबर और इन्वेस्टमेंट ट्रांजेक्शन आईडी के साथ पाई गई गलती की संक्षिप्त जानकारी वाला मेल, moneyfycare@tatacapital.com पर भेजे।

आमतौर पर स्टेटमेंट, तुरंत ही आपके पंजीकृत ईमेल एड्रेस पर भेज दिए जाते हैं। हम आपको अपना स्पैम फोल्डर देखने का सुझाव देंगे। यदि आपके द्वारा अनुरोध किए गए समय से 72 घंटे से ज़्यादा हो गए हैं, तो कृपया हमें moneyfycare@tatacapital.com पर लिखें।

ऐसा होना तो नहीं चाहिए, लेकिन यदि आप देखते है की आपके निवेश से जुड़ी जानकारी गलत हैं, तो कृपया अपने पैन नंबर के साथ हमें moneyfycare@tatacapital.com पर लिखें। हमारी सपोर्ट टीम द्वारा इस समस्या का समाधान किया जाएगा।

सलामती और सुरक्षा

ऑटो पे

ऑटोपे बेहद ही सुरक्षित है और यह एनपीसीआई (सरकारी एजेंसी) द्वारा नियंत्रित किया जाता है।

गतिविधि या लेन-देन से जुड़ी अधिक जानकारी के साथ कृपया हमें moneyfycare@tatacapital.com पर लिखें।

केवाईसी

हां, आपका केवाईसी डेटा मनीफाई के साथ बिल्कुल सुरक्षित है। आपके द्वारा किसी म्यूचुअल फंड में निवेश करना चुनने पर, आपके केवाईसी को पूरा करने और आपके लेनदेन के निष्पादन के लिए आपका केवाईसी डेटा बीएसई स्टार एमएफ / एएमसी / आरटीए / केआरए के साथ शेयर किया जाता है।

खाता संबंधित

कैमरा- केवाईसी का ऑनलाइन सत्यापन करने के लिए दस्तावेजों की तस्वीरें लेने के लिए।

मीडिया/फाइल- वित्तीय दस्तावेजों की पहले से ली गई तस्वीरों को सीधे आपकी फाइल से अपलोड करने के लिए।

मनीफाई के साथ आपकी जानकारी सुरक्षित है। हमारे लिए आपकी गोपनीयता मायने रखती हैं और आपकी जानकारी हमारे पास सुरक्षित है। हम आपकी अनुमति के बिना किसी तीसरे पक्ष को आपकी व्यक्तिगत जानकारी  नहीं देंगे, या उपलब्ध नहीं कराएंगे, सिवाय इसके कि हमें किसी भी लागू कानून, विनियमन, कानूनी कार्यवाही या सरकारी अधिकारियों के निर्देश के तहत ऐसा करने के लिए विशेष रूप से निर्देशित किया गया हो या ऐसा करना हमारे लिए अनिवार्य हो।

ऐसा करने के कुछ तरीके यहां दिए गए हैं:

- अपने लॉगिन क्रेडेंशियल कभी भी किसी के साथ शेयर न करें

- फर्जी ऑफर देने वाले वेबसाइट और सोशल मीडिया पेज से सावधान रहें 

- अपना पासवर्ड नियमित रूप से बदलते रहें

- मनीफाई के क्रेडेंशियल्स या बैंक से संबंधित जानकारी मांगने वाले किसी भी कॉल का कभी भी जवाब न दे 

- इन-ऐप सिक्योरिटी सेटिंग्स के तहत एक फिंगर प्रिंट और पिन सेट करें

लेन-देन से जुड़ी अधिक जानकारी के साथ कृपया हमसे moneyfycare@tatacapital.com पर संपर्क करें।

हम आपकी अनुमति के बिना किसी तीसरे पक्ष को आपकी व्यक्तिगत जानकारी  नहीं देंगे, या उपलब्ध नहीं कराएंगे, सिवाय इसके कि हमें किसी भी लागू कानून, विनियमन, कानूनी कार्यवाही या सरकारी अधिकारियों के निर्देश के तहत ऐसा करने के लिए विशेष रूप से निर्देशित किया गया हो या ऐसा करना हमारे लिए अनिवार्य हो।

नहीं, मनीफाई आपके ईमेल को एक्सेस नहीं कर सकता, हम आपके ईमेल में कुछ भी देख, प्रबंधित या एडिट नहीं कर सकते।

आपकी सलामती और सुरक्षा के लिए, किसी भी संदिग्ध लेन-देन या गतिविधि का पता चलने पर, या यदि आपके लेन-देन हमारी वेबसाइट पर सूचीबद्ध नियमों और शर्तों के अनुसार न हो, तो मनीफाई द्वारा आपके खाते को अस्थायी रूप से ब्लॉक किया जा सकता है। यदि आपका खाता लॉक हो गया है, तो कृपया हमसे moneyfycare@tatacapital.com पर संपर्क करें।

हां, माई प्रोफाइल के तहत, सिक्योरिटी और सेटिंग्स के तहत सेट फिंगर प्रिंट और एमपिन नामक विकल्प दिया गया है। इसे इनेबल करने पर, भले ही किसी के पास आपका अनलॉक किया गया फ़ोन हो, फिर भी उन्हें मनीफाई में आपकी जानकारी को एक्सेस करने के लिए फ़िंगर प्रिंट और एमपिन की ज़रूरत होगी।

नहीं, आपकी संपूर्ण गोपनीय जानकारी, जैसे भुगतान के तरीके, कार्ड से जुड़ी जानकारी, सीवीवी नंबर और पासवर्ड, मनीफाई पर किसी को नहीं पता। आपकी जानकारी गोपनीय और सुरक्षित है।

आपको जो लिंक अयोग्य लगी हो, कृपया हमें moneyfycare@tatacapital.com पर उस लिंक के साथ लिखें।

गतिविधि के बारे में अधिक जानकारी के साथ कृपया हमें तुरंत moneyfycare@tatacapital.com पर लिखें।

इंश्योरेंस

लाइफ इंश्योरेंस

लाइफ इंश्योरेंस, इंश्योरेंस पॉलिसी के धारक और लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के बीच एक अनुबंध है, जिसके तहत, बीमाकर्ता, बीमित व्यक्ति की मृत्यु या पॉलिसी के परिपक्व होने (पॉलिसी के अनुबंध के आधार पर) पर, एक निर्दिष्ट लाभार्थी को प्रीमियम के बदले, निर्धारित राशि (बीमित राशि) देने का वचन देता है। लाइलाज बीमारी या गंभीर बीमारी जैसी अन्य घटनाओं पर भी पैसे दिए जा सकते हैं।

प्रीमियम की राशि को प्रभावित करने वाले मुख्य कारकों में से एक उम्र है, और एक बार लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम की राशि निर्धारित हो जाने पर वह बाकि के जीवन के लिए उतनी ही रहती है। इस प्रकार, यदि लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम, कम राशि पर जल्दी "लॉक इन" किया जाए, तो भावी प्रीमियम पर बहुत सारे पैसे बचाए जा सकते है!

"धारा 80सी के तहत,
- लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के लिए भरे गए प्रीमियम, 1.5 लाख रुपये तक की कटौती के पात्र है
- स्वयं, जीवनसाथी, आश्रित बच्चों और कुछ मामलों में आश्रित माता-पिता के लिए खरीदी गई इंश्योरेंस पॉलिसियों पर भरे गए प्रीमियम पर कर छूट दी जाती है।

धारा 80CC के तहत,
- यह धारा के तहत, पेंशन प्राप्त करने के लिए, भारतीय जीवन बीमा निगम या किसी अन्य बीमा कंपनी की वार्षिकी योजना में भुगतान की गई किसी भी राशि के लिए छूट दी जाती है। इस धारा के तहत भी कटौती की अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपये तक है।

धारा 10(10डी) के तहत,
- इस धारा के तहत, आपको बीमा कंपनी से मिलने वाली राशि पर, कुछ शर्तों के तहत, आयकर नहीं वसूला जाता। यह छूट बीमित राशि, बोनस, परिपक्वता मूल्य, समर्पण मूल्य और मृत्यु लाभ की प्राप्ति पर दी जाती है।

"टर्म प्लान में पॉलिसी धारक की अनुपस्थिति में, परिवार वित्तीय रूप से सुरक्षित रहता हैं, जबकि, ट्रेडिशनल प्लान, निवेश योजनाएं हैं जिसमे कवर (यानी कैश बैक) के साथ-साथ रिटर्न भी मिलता हैं।
ट्रेडिशनल प्लान की तुलना में, टर्म प्लान किफ़ायती दरों पर ज़्यादा बीमा राशि प्रदान करते हैं।"

हां, प्रीमियम भरने के लिए, बीमाकर्ता द्वारा कई विकल्प प्रदान किए जाते हैं। मासिक, त्रैमासिक, अर्ध-वार्षिक या वार्षिक भुगतान में से आप कोई भी विकल्प चुन सकते हैं। कुछ पॉलिसियों में एक बार में ही सारा प्रीमियम भरना होता हैं।

पॉलिसी के परिपक्व होने पर, पॉलिसी धारक को एक संचित राशि (चुने गए विकल्प के आधार पर एकमुश्त या नियमित भुगतान) प्राप्त होगी। इस राशि में भरे गए सभी प्रीमियम और बोनस (यदि कोई हो), एक-साथ शामिल होंगे। प्राप्त होने वाली रकम बड़ी होगी क्योंकि आपकी पॉलिसी की परिपक्वता तक, भरे गए प्रीमियम संचित होते है और बढ़ते रहते है। अधिक जानकारी के लिए कृपया पॉलिसी दस्तावेज़ देखें।

आप अपने लाइफ इंश्योरेंस कवर की गणना, हमारे इंश्योरेंस कैलकुलेटर का उपयोग करके कर सकते हैं। केवल आवश्यक जानकारी जैसे उम्र, वार्षिक आय और मौजूदा कवर भरें। आदर्श रूप से, लाइफ इंश्योरेंस आपकी वार्षिक आय का 10 से 15 गुना होना चाहिए।

यदि पॉलिसी धारक किसी दुर्घटना या बीमारी के कारण कमाने में असक्षम है, तो लाइफ कवर, परिवार को वित्तीय रूप से सुरक्षित रखता है। अनिश्चित घटना के मामले में, पॉलिसी के तहत, लाभार्थियों को लाभ का भुगतान भी किया जाता है। इस तरह के कवरेज से, पॉलिसी धारक की अनुपस्थिति में भी परिवार अपने खर्चों को पूरा कर सकता है और अपनी जीवन, अच्छे से गुज़ार सकता है।

"टर्म इंश्योरेंस, पॉलिसी धारक की मृत्यु की दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में परिवार के आश्रितों के लिए वित्तीय सुरक्षा के रूप में काम करता है।
टर्म इंश्योरेंस में, भरे गए प्रीमियम की तुलना में काफी बड़ी राशि प्राप्त होती है। साथ ही, आप गंभीर बीमारियों या आकस्मिक मृत्यु के लिए वैकल्पिक कवरेज प्राप्त कर सकते हैं। इसमें पॉलिसी धारक और बीमित को लंबे समय के लिए कवर किया जाता है और प्रीमियम की राशि भी किफ़ायती होती हैं।"

मनी बैक प्लान, इंश्योरेंस पॉलिसी का एक रूप है जिसमें पॉलिसी धारक या बीमित व्यक्ति को पॉलिसी अवधि के अंत में एकसाथ राशि देने के बजाय, बीमा राशि के कुछ प्रतिशत, नियमित अंतराल पर दिए जाते है। यह लिक्विडिटी का लाभ प्रदान करने वाला एंडोमेंट प्लान है।

चाइल्ड इंश्योरेंस पॉलिसी प्लान, जीवन बीमा कंपनियों द्वारा प्रदान किया जाने वाला निवेश सह बीमा है।
इससे, बच्चो के सपने सपनों और लक्ष्य, वित्तीय रूप से सुरक्षित रहते हैं। चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान का उपयोग, बच्चे की उच्च शिक्षा या शादी जैसे लक्ष्यों के लिए किया जा सकता है।"

यूएलआईपी का फुल फॉर्म है यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान। यूएलआईपी एक इंश्योरेंस प्लान है, जिसके तहत दो प्रकार के लाभ मिलते है, निवेश - आपके दीर्घकालिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए और लाइफ इंश्योरेंस - कोई दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटने पर पॉलिसी धारक के परिवार को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के लिए।

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10(10डी) के तहत, एक व्यक्ति अपनी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के क्लेम (परिपक्वता या मृत्यु लाभ) से प्राप्त हुई बीमा राशि और उपार्जित बोनस (यदि कोई हो) पर कर छूट का लाभ उठा सकता है। यह छूट, यूएलआईपी से अर्जित रिटर्न के लिए भी लागू है और सभी प्रकार के इंश्योरेंस पॉलिसी क्लेम पर उपलब्ध है।

धारा 80सी के तहत, एक व्यक्ति स्वयं, पति या पत्नी या बच्चों के लाइफ इंश्योरेंस के लिए भरे गए प्रीमियम पर कर योग्य आय से अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक की कटौती का दावा कर सकता है।

"लाइफ इंश्योरेंस प्लान की आवश्यकता का मूल्यांकन, व्यक्ति पर वर्तमान में कितने लोग आश्रित हैं और आगे कितने लोग आश्रित होंगे, इस आधार पर की जानी चाहिए। एक लाइफ इंश्योरेंस प्लान तब मायने रखने लगता है जब व्यक्ति पर कम से कम 1 व्यक्ति आश्रित हो, लेकिन प्रत्येक अतिरिक्त आश्रित के साथ, खर्च में तेज़ी से वृद्धि हो रही हो। इसके अलावा, लाइफ पॉलिसी के तहत कई लाभ मिलते हैं और यह एक अनुकूल साधन है। इनमें से कुछ में बच्चों की शिक्षा या शादी जैसे खर्चों को पूरा करने के लिए अधिक कवरेज के लिए राइडर्स को जोड़ने या इकट्ठा हुई राशि से कुछ राशि निकालने की सुविधा शामिल है।"

परिपक्वता लाभ, मुख्य रूप से पॉलिसी की अवधि के दौरान भरे गए प्रीमियम पर आधारित होता हैं। यह राशि जीवनशैली, खर्च करने की आदतें, आय, व्यय और लिए गए उधार जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है। व्यक्ति को अपनी वार्षिक आय से कम से कम आठ से दस गुना तक का कवरेज खरीदने की सलाह दी जाती है।

प्रीमियम भरने की नियत तारीख़ से 30 दिनों तक का ग्रेस पीरियड (अनुग्रह अवधि) दिया जाता है। इस अवधि में प्रीमियम न भरने पर, पॉलिसी बंद हो जाती है और आपको कोई भी लाभ नहीं मिलते।पॉलिसी बंद हो जाने के बाद, कवरेज को फिर से शुरू करने के लिए पॉलिसी धारक को रिवाइवल प्रीमियम भरना होता है।

ज़्यादातर बीमाकर्ताओं द्वारा 5 वर्ष से लेकर 40 वर्ष तक की पॉलिसी दी जाती है। व्यक्ति को हमेशा अपनी रिटायरमेंट की उम्र के आधार पर पॉलिसी की अवधि चुन्नी चाहिए। भारत में, रिटायरमेंट की सामान्य उम्र 60 वर्ष है। यदि टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी 60 वर्ष तक खरीदी जाती है, तो उस उम्र तक सभी वित्तीय देनदारियां और ज़िम्मेदारियाँ पूरी हो चुकी होती है। यदि किसी व्यक्ति पर कई लोग आश्रित हैं और वह उन्हें उनके पूरे जीवन के लिए कवर करना चाहता है, तो 99 वर्ष की उम्र तक के लाइफ कवर का विकल्प चुनना चाहिए।

हेल्थ इंश्योरेंस

अनुभव के अनुसार, एक आदर्श हेल्थ इंश्योरेंस में वार्षिक आय का लगभग 50% हेल्थ कवर मिलना चाहिए। इस प्रकार, यदि वार्षिक आय 15 लाख रुपये है, तो 7 लाख रूपये का हेल्थ प्लान लेने की सलाह दी जाती है। हालांकि, स्वास्थ्य से जुड़े बढ़ते खर्चो को देखते हुए, कम से कम 5 लाख रूपये के कवरेज वाली पॉलिसी खरीदने की सलाह दी जाती है।

नियोक्ता द्वारा प्रदान किए गए कवर के अलावा एक अलग हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने की सलाह हमेशा दी जाती है। आप नौकरी बदल सकते है या नए नियोक्ता द्वारा समान लाभ प्रदान नहीं किए जाते या नियोक्ता द्वारा प्रदान किया गया हेल्थ इश्योरेंस कवर पर्याप्त न हो, ऐसा भी हो सकता है। अलग से खरीदें गए प्लान से, आप नौकरी कर रहे हो या न कर रहे हो या फिर आप काम न करने का निर्णय ले, तब भी आप पर्याप्त रूप से बीमाकृत होंगे।

हेल्थ इंश्योरेंस, भरे गए गई प्रीमियम पर कर लाभ प्रदान करता है। हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम, भारतीय आयकर अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कर-कटौती के लिए पात्र है। इसका मतलब है कि किसी व्यक्ति के हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज के लिए प्रीमियम के रूप में भरी गई राशि को कर योग्य आय से काटा (कुछ सीमाओं के अधीन) जा सकता है। नीचे दिया गया टेबल देखें,

"धारा 80डी के तहत, एक व्यक्ति, कैश के अलावा किसी भी तरीके से भरे गए प्रीमियम पर स्वयं, अपने पति या पत्नी, आश्रित बच्चों और माता-पिता के लिए ली गई हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियों पर कर लाभ प्राप्त कर सकता है। धारा 80डी के तहत अधिकतम कर लाभ इस प्रकार हैं:
- 25,000 रुपये तक भरे गए प्रीमियम पर स्वयं, जीवनसाथी या आश्रित बच्चों के लिए (बीमित की आयु 60 वर्ष या उससे ज़्यादा होने पर सीमा रु. 50,000 है) कर लाभ।
- माता-पिता को कवर करने के लिए, 25,000 रुपये तक का हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम भरने पर (बीमित की उम्र 60 वर्ष या उससे ज़्यादा होने पर सीमा रु. 50,000 है) अतिरिक्त कर लाभ मिलता है।

कई बीमा कंपनियां, पहले से मौजूद बीमारियों को कवर करने वाले हेल्थ इंश्योरेंस प्लान प्रदान करती हैं लेकिन इसमें वेटिंग पीरियड (प्रतीक्षा अवधि) भी हो सकता हैं। कृपया याद रखें कि यह लाभ अलग-अलग बीमा कंपनियों में अलग-अलग हो सकता है। प्लान चुनने से पहले नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ें।

हेल्थ इंश्योरेंस में कैशलेस क्लेम, क्लेम के भुगतान का एक तरीका है जिसमे पॉलिसी धारक को इलाज के लिए कैश पेमेंट नहीं करना पड़ता और बिलों का निपटान सीधे अस्पताल और बीमा कंपनी के बीच किया जाता है।

आयकर अधिनियम की धारा 80DD के तहत कर कटौती का दावा उन व्यक्तियों द्वारा किया जा सकता है जो भारत के निवासी हैं और विकलांग (यों) या अपंग आश्रितों के चिकित्सा इलाज के लिए एचयूएफ हैं। काटी गई राशि, विकलांग आश्रित के लिए बनाए गए विशिष्ट इंश्योरेंस प्लान के लिए भरे गए इंश्योरेंस प्रीमियम को भी कवर करेगी।

"धारा 80डीडीबी के तहत, यदि किसी व्यक्ति या एचयूएफ ने निर्दिष्ट बीमारी या रोग के इलाज के लिए चिकित्सा खर्च किया है, तो इस तरह के खर्च को, आयकर अधिनियम की धारा 80डीडीबी के तहत दी गई शर्तों के अधीन और निर्दिष्ट राशि तक, कटौती के रूप में माना जाएगा।
धारा 80डीडीबी के तहत, निम्नलिखित चिकित्सा रोग और बीमारियों के लिए कर कटौती का लाभ उठाया जा सकता है:

रोग जो प्रकृति में न्यूरोलॉजिकल हैं जैसे:
अटैक्सिआ
डेमेंटिया
अफेजिया
डायस्टोनिया मस्कुलो रम डिफॉर्मन्स
हेमीबैलिज्मस
पार्किंसंस डिजीज
कोरिया
मोटर न्यूरॉन डिजीज
क्रोनिक रीनल फेलियर
मलिग्नैंट कैंसर
हेमेटोलॉजिकल विकार जैसे:
थैलेसीमिया
हीमोफिलिया
पूर्ण विकसित एक्वायर्ड इम्यूनो-डेफिशिएंसी सिंड्रोम (एड्स)"

कैशलेस सुविधा का विकल्प चुनने पर, हेल्थ इंश्योरेंस के तहत,किसी व्यक्ति के अस्पताल के बिलों का सीधे भुगतान किया जाता है या किसी बीमारी या चोट के कारण हुए चिकित्सा खर्च के लिए व्यक्ति द्वारा किए गए किसी भी भुगतान की प्रतिपूर्ति की जाती है।

हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियों के लिए पात्रता की उम्र अलग-अलग होती है, फिर भी आम तौर पर, वयस्कों के लिए पात्रता की सामान्य um 18 वर्ष से 65 वर्ष के बीच होती है। बच्चों के लिए पात्रता की उम्र 90 दिन से 18 वर्ष के बीच होती है।

हाँ, यदि प्लान द्वारा मंज़ूरी दी जाए, तो एक व्यक्ति स्वयं, जीवनसाथी, बच्चों, आश्रित माता-पिता और सास-ससुर, भाई-बहन आदि जैसे अन्य रिश्तेदारों के लिए कवरेज प्राप्त कर सकता है।

एक व्यक्ति इंडिविजुअल हेल्थ इंश्योरेंस प्लान, फैमिली फ्लोटर हेल्थ इंश्योरेंस प्लान, सीनियर सिटिज़न हेल्थ इंश्योरेंस प्लान, क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस प्लान, मैटरनिटी हेल्थ इंश्योरेंस प्लान, ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस प्लान, पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस प्लान, टॉप-अप, सुपर टॉप अप खरीद सकता है।

हेल्थ इंश्योरेंस के तहत मिलने वाले लाभ, पॉलिसी से पॉलिसी में अलग-अलग होते हैं। हालांकि, हेल्थ इंश्योरेंस के तहत मिलने वाले सामान्य लाभों में अस्पताल में भर्ती होने के लिए कवर, अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद के खर्च, देखभाल का खर्च, आपातकालीन एम्बुलेंस खर्च, अंग दाता का खर्च, आवासीय अस्पताल में भर्ती होने का खर्च, ओपीडी खर्च और बहुत कुछ शामिल हैं।

पहले से मौजूद बीमारी एक ऐसी बीमारी, चोट या रोग है, जिससे बीमित व्यक्ति, हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने से ही पीड़ित होता है। हेल्थ इंश्योरेंस में डिप्रेशन, एंग्जायटी, स्लीप एपनिया, डायबिटीज आदि जैसी बीमारियों को पहले से मौजूद बीमारियां कहाँ जाता है।

हां, भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) द्वारा एक परिपत्र जारी किया गया था जिसमें बीमा कंपनियों को, बीमाधारक को एक हेल्थ इंश्योरेंस प्लान से दूसरे या एक बीमा कंपनी को किसी अन्य में स्थानांतरित करने की अनुमति देना का निर्देश दिया गया था, लेकिन इस प्रक्रिया में, बीमाधारक के पहले से मौजूद बीमारियों के लिए रिन्यूअल क्रेडिट जैसे किसी भी संचित लाभ को वापस नहीं लिया जाना चाहिए।
स्थानांतरण के कारण, किसी अन्य बीमा कंपनी द्वारा बेहतर कीमतों पर, बेहतर सेवाओं प्रदान करना, किसी अन्य बीमाकर्ता द्वारा स्वास्थ्य देखभाल से जुड़े खर्चों के लिए अधिक कवरेज देना आदि हो सकते है।

सामान्य इंश्योरेंस

"आप निम्न प्रकार के इंश्योरेंस खरीद सकते हैं -
- टर्म इंश्योरेंस
- हेल्थ इंश्योरेंस
- बचत और निवेश
- टू व्हीलर इंश्योरेंस
- ट्रेवल इंश्योरेंस
- प्राइवेट कार इंश्योरेंस
- क्रिटल इलनेस इंश्योरेंस"

सभी इंश्योरेंस पॉलिसियों में फ्री-लुक पीरियड होता है। बीमित व्यक्ति को पॉलिसी जारी होने की तारीख से 15 दिन (या 30 दिन) की अवधि के लिए पॉलिसी के नियमों और शर्तों को अच्छे से पढ़ने, और पॉलिसी स्वीकार न होने पर उसे वापस करने की अनुमति दी जाती है। यदि बीमाधारक द्वारा फ्री लुक पीरियड के दौरान कोई दावा न किया जाए, तो उसे भरे गए प्रीमियम का रिफंड, बीमाकर्ता द्वारा बीमित व्यक्तियों के चिकित्सा परिक्षण पर किए गए किसी भी खर्च और स्टैम्प फीस को घटाकर दिया जाएगा।

बीमित व्यक्ति वह व्यक्ति है जिसे किसी प्रकार के बीमा के तहत कवर/सुरक्षित किया जाता है। एक व्यक्ति द्वारा इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने पर उसे उसकी संपत्ति या जीवन या स्वास्थ्य आदि के नुकसान के लिए क्षतिपूर्ति की जाती है।

बीमित व्यक्ति की मृत्यु के मामले में जिस व्यक्ति को लाभ प्राप्त होते है, उसे नॉमिनी कहा जाता है। लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय, बीमित व्यक्ति द्वारा अपने नॉमिनी को चुना या नॉमिनेट किया जाता है। नॉमिनी आमतौर पर पति या पत्नी, बच्चे या माता-पिता होते हैं। बीमित व्यक्ति अपने नॉमिनी के रूप में एक या अधिक व्यक्ति को नॉमिनेट कर सकता है।

पेंशन इंश्योरेंस

यह जीवन बीमा कंपनियों द्वारा, रिटायरमेंट फंड बनाने के लिए प्रदान किया जाने वाला इन्वेस्टमेंट प्लान है, जिस प्लान के तहत पूर्व-निर्दिष्ट और नियमित पेंशन दी जाती है, जिससे नौकरी के बाद के वर्षों में पैसो की तंगी नहीं होती।

यदि कोई व्यक्ति प्रीमियम भर चूका है, तो वह धारा 80सीसीसी के तहत, पेंशन प्लान के लिए कर लाभ का दावा कर सकता है। उन्हें धारा 10(23एएबी) में संदर्भित फंड से पेंशन दिया जाएगा। कुल वार्षिक आय पर कटौती की सिमा 1,00,000 रुपये है।

धारा 10(10ए) के तहत, कोई भी रूपांतरित पेंशन, यानी सरकारी कर्मचारी द्वारा प्राप्त मासिक पेंशन के बदले प्राप्त हुई संचित पेंशन, पूरी तरह से कर-मुक्त है। छूट केवल रूपांतरित पेंशन के लिए उपलब्ध है, न कि गैर-रूपांतरित, यानी मासिक पेंशन के लिए।

स्मॉलकेस

स्मॉलकेस आधुनिक निवेश उत्पाद हैं जिससे आप कम खर्च में, लंबी अवधि के लिए और विविध पोर्टफोलियो बना सकते हैं।

प्रत्येक स्मॉलकेस, स्टॉक या ईटीएफ को व्यावसायिक रूप से प्रबंधित करने की रणनीति, विचार या थीम को दर्शाता है।

स्मॉलकेसेस में निवेश शुरू करने के लिए, आप मनीफाई पर अपने डीमैट खाता बनाकर उसमे लॉगिन कर सकते हैं।

स्मॉलकेसेस, स्टॉक/ईटीएफ के कई पोर्टफोलियो को खरीदने और प्रबंधित करने का सबसे आसान तरीका है। निम्नलिखित कारणों से आप मनीफाई द्वारा स्मॉलकेसेस में निवेश कर सकते हैं:

• सरल और बेहतरीन: स्मॉलकेस ऐसे विचारों और रणनीतियों पर आधारित होते हैं जिन्हें समझना आसान होता है।

• विविधता: कई स्टॉक में निवेश करने के कारण, आप एक विशिष्ट स्टॉक में अस्थिरता से बचते है, जिससे स्मॉलकेस में कम जोखिम शामिल होता है। ईटीएफ के साथ, आप विभिन्न श्रेणियों की संपत्ति में भी निवेश कर सकते हैं।

एक्सपर्ट द्वारा प्रबंधित: स्मॉलकेस सेबी के तहत पंजीकृत पेशेवरों द्वारा बनाए और प्रबंधित किए जाते हैं।

• कोई लॉक-इन नहीं और आपके हाथो में संपूर्ण नियंत्रण: आपके स्मॉलकेस के मालिक आप खुद है। कोई लॉक-इन नहीं हैं। साथ ही, आप किसी भी समय स्टॉक को जोड़/हटा सकते हैं।

यहाँ कुछ कारण दिए गए हैं जो स्मॉलकेस को विशिष्ट बनाते हैं:

1. उपयोग करने में आसान:

• 1 क्लिक में कई स्टॉक खरीदें/बेचें — एक क्लिक में ज़्यादा से ज़्यादा 50 स्टॉक के लिए ऑर्डर दें और समय बचाएं।

• आसान ट्रैकिंग और प्रबंधन — कॉर्पोरेट क्रियाएं और डिविडेंड सहित, एक साधारण इंडेक्स वैल्यू के साथ अपने निवेश के प्रदर्शन को ट्रैक करें।

• कोई लॉक-इन पीरियड नहीं — किसी भी समय स्मालकेस से बाहर निकलें। स्टॉक की तरह, स्मॉलकेसेस का ट्रांजेक्शन रीयल-टाइम में किया जाता है। अब आपको अपने पैसो का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

 

2. समझने में आसान

• अद्वितीय, समझ में आए ऐसे विचार — स्मालकेस में निवेश करने के लिए आपको माहिर होने की आवश्यकता नहीं है। प्रत्येक स्मालकेस एक साधारण थीम, रणनीति या उद्देश्य पर आधारित होता है।

• पारदर्शी — ​​आप जिसमे विश्वास रखते हैं उसमें निवेश करें और देखें कि आपका पैसा हर समय कहां निवेश किया जाता है। कोई अनपेक्षित शुल्क या मूवमेंट नहीं।

• शोध द्वारा समर्थित - स्मॉलकेस अच्छी तरह से शोध किए गए पोर्टफोलियो हैं, जिन्हें भारत के प्रमुख सेबी के तहत पंजीकृत प्रोफेशनल द्वारा बनाया और प्रबंधित किया जाता है।

 

3. संपूर्ण नियंत्रण 

• मलिकी — व्यक्तिगत स्टॉक की तरह, आप अपने डीमैट खाते में रखे गए अंतर्निहित शेयरों की संपूर्ण मलिकी का आनंद लेते हैं।

• डिविडेंट और अन्य कॉर्पोरेट क्रियाएं — डिविडेंड सीधे अपने बैंक खाते में प्राप्त करें। एक शेयरहोल्डर के रूप में, आप कंपनी की क्रियाओं से सभी लाभों का आनंद ले सकते हैं।

क्रेडिट कार्ड

क्रेडिट कार्ड, पेमेंट करने के लिए उपयोग किया जाना वाला एक तरिका है, जिसकी मदद से एक व्यक्ति, किसी वित्तीय संस्थान द्वारा दी गई क्रेडिट का उपयोग करके खरीदारी कर सकता है। क्रेडिट कार्ड एक ऐसा प्रभावशाली उपकरण हैं, जिसकी मदद से कोई व्यक्ति, क्रेडिट बनाने, रिवार्ड्स जितने और अपने खर्चों के लिए भुगतान करते हुए ऋण का प्रबंधन करने और बिल भरने जैसे महत्वपूर्ण वित्तीय लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं।

डेबिट कार्ड से आप सीधे अपने बैंक खाते से पैसे निकाल सकते है।
दूसरी ओर, एक क्रेडिट कार्ड, कार्ड जारीकर्ता से प्राप्त हुई शार्ट-टर्म लोन के समान है, जिसकी मदद से आप किसी को भी पेमेंट कर सकते है या पैसे निकाल सकते है।
नियमित रूप से इस शार्ट-टर्म लोन को चुकाने के बजाय, क्रेडिट कार्ड द्वारा किए गए कुल खर्च को बिलिंग चक्र के अंत में एक एक ही बिल में जोड़ दिया जाता है।

क्रेडिट कार्ड आमतौर पर दो प्रकार के होते है:
स्टैण्डर्ड क्रेडिट कार्ड - सामान्य विशेषताओं वाले साधारण क्रेडिट कार्ड, जिसके लिए कोई वार्षिक शुल्क नहीं लिया जाता।
स्पेशलाइज्ड क्रेडिट कार्ड - ये कार्डधारक की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए, विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए क्रेडिट कार्ड है। ये कार्ड डाइनिंग, फ्यूल, लाइफस्टाइल, ट्रेवल आदि पर विभिन्न लाभ प्रदान करते हैं।

नहीं, क्रेडिट कार्ड के लिए आपकी पात्रता, अन्य संस्थाओं द्वारा उनके विवेकाधिकार पर निर्धारित की जाती है। मनीफाई केवल कार्ड की विशेषताएं प्रदर्शित करके एक रेफरर के रूप में काम करता है और कार्ड की स्वीकृति का अंतिम निर्णय, कार्ड प्रोवाइडर का होता है।

क्रेडिट कार्ड के लिए पात्रता, क्रेडिट कार्ड प्रोवाइडर की आंतरिक नीति पर आधारित होती है। पात्रता सुनिश्चित करने के लिए, यूज़र को क्रेडिट कार्ड प्रोवाइडर द्वारा मांगी गई जानकारी के साथ एप्लिकेशन फॉर्म भरना आवश्यक है।

क्रेडिट कार्ड मिलने में लगने वाला समय, अलग-अलग कार्ड प्रोवाइडर्स के लिए अलग-अलग हो सकता है और कार्ड का आवेदन स्वीकृत हो जाने पर, यह आवेदन की तारीख से लेकर कार्ड प्राप्त करने तक, 10 से 30 दिनों के बीच हो सकता है।

यह प्रक्रिया अलग-अलग कार्ड प्रोवाइडर्स के लिए अलग-अलग होती है।

चरण 1 : मनीफाई ऐप में लॉग इन करें

चरण 2 : लोन और कार्ड पर क्लिक करें

चरण 3: कार्ड्स पर जाएं

चरण 4: आप जिस कार्ड के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उसे चुने

चरण 5: स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों के आधार पर आवेदन के साथ आगे बढ़ें

चरण 6- अपनी जानकारी भरे

चरण 7- आगे की प्रक्रिया में कार्ड प्रोवाइडर आपकी मदद करेगा

"खाते की शेष राशि, बैंक विवरण की तारीख के अनुसार, एक व्यक्ति की कुल देय राशि, जिसमें फीस और शुल्क जैसे अन्य शुल्कों के अलावा कोई भी बकाया राशि, नई खरीदारी, अग्रिम राशि शामिल हैं।
न्यूनतम देय राशि वह न्यूनतम राशि है, जो किसी व्यक्ति को अपने खाते को चालू रखने के लिए नियत तारीख तक भरनी होती है। अपना क्रेडिट इतिहास अच्छा रखने के लिए, कार्ड कंपनियों को पेमेंट हमेशा नियत तारीख़ पर या उससे पहले प्राप्त कर लेने चाहिए। ब्याज और अन्य शुल्कों से बचने के लिए हमेशा नियत तारीख़ से पहले संपूर्ण राशि का भुगतान करने की कोशिश करें। इसके लिए अपने क्रेडिट कार्ड प्रोवाइडर के नियम और शर्ते देखें।"

एपीआर का मतलब है वार्षिक प्रतिशत दर (एनुअल परसेंटेज रेट)। दर असल यह क्रेडिट कार्ड की शेष राशि पर लिए जाने वाला ब्याज है, जो वार्षिक दर के रूप में व्यक्त किया जाता है। (किसी व्यक्ति से दिए गए महीने में कितना शुल्क लिया जाएगा, यह निर्धारित करने के लिए एपीआर को 12 से विभाजित करें।) यह दर केवल तभी लागू है जब बकाया राशि मौजूद हो।

जब एक क्रेडिट कार्ड बिल की संपूर्ण राशि का भुगतान नहीं किया जाता, या यदि कार्ड एकाउंट से पैसे निकाले जाते है, तो लेनदेन की तारीख़ से भुगतान की तारीख़ तक गणना किए गए ब्याज सहित शुल्क लिया जाएगा। सही जानकारी के लिए कार्ड प्रोवाइडर के नियम और शर्ते देखें।

क्रेडिट कार्ड पर लिया जाने वाला वार्षिक शुल्क आम हैं और यह कार्ड के प्रकार पर आधारित होता है। हालाँकि, बहुत सारे क्रेडिट कार्ड हैं, जिनमें रिवार्ड क्रेडिट कार्ड शामिल हैं, जिन पर वार्षिक शुल्क नहीं लिया जाता।

यदि कोई व्यक्ति अपने क्रेडिट कार्ड का उपयोग जिम्मेदारी से करता है, तो वह एक अच्छी पेमेंट हिस्ट्री बना सकता है और अपनी क्रेडिट प्रोफ़ाइल को सुधार सकता हैं। एक अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाने के लिए, आपको अपने सभी मासिक बिल समय पर भरने चाहिए और जब भी संभव हो, संपूर्ण राशि का भुगतान करना चाहिए।

ग्रेस पीरियड (अनुग्रह अवधि) नियत तारीख़ के बाद की अवधि है, जिसके दौरान एक व्यक्ति, बिना किसी ब्याज के बिल की संपूर्ण राशि का भुगतान कर सकता है। उदाहरण के लिए, क्रेडिट कार्ड कंपनी आपको सूचित करती है की आपके पास "विवरण की तारीख से 25 दिन हैं, बशर्ते आपके द्वारा, नियत तारीख तक अपनी पिछली शेष राशि का पूरा भुगतान हो चूका होना चाहिए।"

क्रेडिट रिपोर्ट आपके क्रेडिट इतिहास पर आधारित होता है। यह, आपने समय पर अपने लोन ईएमआई या क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान किया है या नहीं, ऐसे कारकों पर आधारित होता है। बैंकों और अन्य लेनदारों से एकत्रित की गई इस जानकारी में मासिक क्रेडिट कार्ड और लोन की चुकौती की जानकारी शामिल होती है। क्रेडिट स्कोर से किसी व्यक्ति की उधार पात्रता का पता चलता है- यानि की वह ली गई लोन चूका सकता है या नहीं और नियत तारीख़ पर भुगतान कर सकता है या नहीं।

ज़्यादातर क्रेडिट कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। आम तौर पर, व्यक्ति को आवेदन करने के लिए निम्नलिखित जानकारी देनी होगी:

नाम

पता

पैन नंबर

टेलीफोन नंबर

रोज़गार की स्थिति

नियोक्ता का नाम

वार्षिक आय

ये जानकारी जमा करने के कुछ समय बाद ही आवेदक यह जान सकते हैं कि उनका क्रेडिट कार्ड के लिए किया गया आवेदन स्वीकार किया गया है या नहीं
नोट: क्रेडिट कार्ड के लिए ज़्यादातर आवेदनों के लिए व्यक्ति की क्रेडिट रिपोर्ट पर सख़्ती से पूछताछ की जाएगी और बहुत कम समय में क्रेडिट कार्ड के लिए बहतु से आवेदन से ज़्यादा पूछताछ की जा सकती हैं जिससे क्रेडिट स्कॉर्ट, अस्थायी रूप से कम हो सकता हैं।

कॉरपोरेट फिक्स्ड डिपॉजिट

"• आम तौर पर एफडी, फिक्स्ड डिपाजिट और सेविंग इंस्ट्रूमेंट है, जिसमे सामान्य बचत खाते की तुलना में ज़्यादा ब्याज मिलता है।
 • बैंकों द्वारा रेगुलर फिक्स्ड डिपाजिट के विकल्प प्रदान किए जाते है, हालांकि, कॉर्पोरेट फिक्स्ड डिपाजिट का विकल्प, एनबीएफसी द्वारा प्रदान किया जाता है। बैंक एफडी की तुलना में, इनमे बेहतर रिटर्न के साथ थोड़ा ज़्यादा जोखिम होता हैं।"

"• ज़्यादा रिटर्न्स - बैंक एफडी की तुलना में, कॉर्पोरेट एफडी में अधिक रिटर्न्स मिलते है
• फ्लेक्सिबिलिटी - विभिन्न प्रकार की अवधि और ब्याज के भुगतान के लिए मासिक, त्रैमासिक, अर्धवार्षिक, वार्षिक और संचयी जैसे विकल्पों में से अपनी पसंद अनुसार कॉर्पोरेट एफडी चुनें!
• लिक्विडिटी - थोड़े कम रिटर्न्स के साथ, समय से पहले निकासी के विकल्पों वाली कॉर्पोरेट एफडी के साथ बेहतर लिक्विडिटी का आनंद लें।
• समय से पहले निकासी - एफडी में समय से पहले निकासी का विकल्प चुनने का मतलब है कि जमाकर्ता अपनी राशि निकाल सकते हैं और अवधि समाप्त होने से पहले अपना खाता बंद कर सकते हैं।
• सुरक्षा - क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों द्वारा, कंपनी डिपॉजिट्स की अच्छे से जाँच की जाती है। ये एजेंसियां ​​देखती हैं कि ऐसी एफडी सुरक्षित और स्थिर हैं या नहीं।"

"• क्रेडिट रेटिंग: कॉर्पोरेट एफडी की क्रेडिट रेटिंग के आधार पर, ज़्यादा रेटिंग वाली कॉर्पोरेट एफडी जिससे कंपनी के छिपे हुए जोखिमों का पता चलता है।
• कंपनी की जानकारी: कंपनी के वित्तीय विवरणों, मैनेजमेंट की चर्चा और समीक्षा (एमडी एंड ए) की मदद से, कंपनी की व्यावसायिक क्षमता का पता लगाए।
• रीपेमेंट हिस्ट्री: कंपनी की रीपेमेंट हिस्ट्री से कंपनी के क्रेडिट स्कोर, विश्वसनीयता और स्थायित्व का पता लगाया जा सकता है।
• रिस्क प्रोफ़ाइल: निवेश के लिए चुनी गई कंपनी, वित्तीय रूप से सुरक्षित होनी चाहिए और फिक्स्ड डिपाजिट की अवधि के दौरान, भुगतान में चूक के जोखिम को दूर करने में सक्षम होनी चाहिए।
• एफडी की शर्तें: एक संचयी योजना, एक नियमित आय विकल्प से बेहतर हो सकती है क्योंकि अर्जित ब्याज अन्य तरीकों से निवेश किया जाता है। दिन के अंत में, आपके हाथ में एकमुश्त राशि होगी। लेकिन अगर आप एफडी से नियमित आय कमाना चाहते हैं तो यह संभव नहीं है।

"• संचयी योजना जमा (क्युमुलेटिव स्किम डिपाजिट): हर साल परिपक्वता तक, ब्याज को फिर से निवेश किया जाता है। इस विकल्प से व्यक्ति को पैसे बनाने के लिए चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ मिलता है।
• गैर-संचयी योजना जमा (नॉन-क्युमुलेटिव स्किम डिपाजिट): व्यक्ति मासिक, त्रैमासिक, अर्ध-वार्षिक या वार्षिक रूप से ब्याज का भुगतान करने का विकल्प चुन सकता है। यह योजना पेंशनभोगियों या समय-समय पर ब्याज का भुगतान करने वाले व्यक्ति के लिए एक अच्छा विकल्प है।"

"• हाँ। नाबालिग के नाम पर डिपाजिट किया जा सकता है, बशर्ते कि ऐसे नाबालिग का प्रतिनिधित्व उसके नैसर्गिक या कानूनी अभिभावक द्वारा किया जा रहा हो और डिपाजिट के लिए आवेदन पत्र पर नाबालिग की ओर से नैसर्गिक/कानूनी अभिभावक द्वारा हस्ताक्षर किए गए हों। डिपाजिट से संबंधित सभी बातचीत, अभिभावक से की जानी चाहिए।"

डिपॉजिट्स के लिए क्युमुलेटिव और नॉन-क्युमुलेटिव योजनाएं उपलब्ध हैं।

• हां। जमाकर्ता को मुख्तारनामा की एक प्रति प्राप्त करके उसे भरनी होती है।

"• हां, अधिकांश कॉर्पोरेट एफडी में वरिष्ठ नागरिकों को उनके फिक्स्ड डिपाजिट खातों पर उच्च ब्याज दर प्रदान किया जाता हैं।
• यदि कोई वरिष्ठ नागरिक, वरिष्ठ नागरिक न हो ऐसे सह-आवेदक के साथ फिक्स्ड डिपाजिट खाता खोलते हों, तो भी उन्हें यह लाभ मिल सकता है।"

"• टीडीएस (टैक्स डिडक्शन एट सोर्स), 5,000 रुपये से 10,000 रुपये (वित्तीय संस्थान के आधार पर) तक अर्जित ब्याज पर लागू नहीं होता।
• निवेशक की कुल आय कर योग्य सीमा से कम होने पर, वे कर कटौती से बचने के लिए एफडी खाता खोलते समय फॉर्म 15जी/15एच जमा कर सकते हैं।"

"• हां। अनपेक्षित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान, जमाकर्ता को नॉमिनेशन सुविधा प्रदान करते हैं।
• जमाकर्ता की मृत्यु होने पर, नॉमिनी, परिपक्वता पर फिक्स्ड डिपाजिट राशि का दावा कर सकता है। हालांकि, यह धारण करने के तरीके के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।"

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